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यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा 31 मई को:कानपुर में 19 केंद्रों पर 9168 छात्र देंगे परीक्षा; मोबाइल-स्मार्ट वॉच बैन
2026-05-29 13:58
यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा 31 मई को:कानपुर में 19 केंद्रों पर 9168 छात्र देंगे परीक्षा; मोबाइल-स्मार्ट वॉच बैन
उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए कानपुर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। आगामी 31 मई को होने वाली परीक्षा के लिए शहर में कुल 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 9,168 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के सीनेट हॉल में केंद्र अधीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की अहम ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर परीक्षा संचालन तक हर बिंदु पर सख्त निर्देश दिए गए। इस बार संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की ओर से कराया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने बताया कि परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ डिवाइस पर रहेगा प्रतिबंध परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार कड़े नियम लागू किए गए हैं। किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केंद्रों पर तैनात कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की गहन जांच के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जाए। अधिकारियों ने साफ किया कि लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी नजर, केंद्रों पर पानी और ओआरएस की व्यवस्था परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न होने दी जाए। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए गए हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा है। सभी 19 परीक्षा केंद्रों पर ठंडे पीने के पानी, ओआरएस, स्वच्छ शौचालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें।
मुरादाबाद रिजर्व पुलिस लाइन्स में सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन:डीआईजी मुनिराज ने आदेश कक्ष और अतिथि गृह का शुभारंभ किया
2026-05-29 13:57
मुरादाबाद रिजर्व पुलिस लाइन्स में सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन:डीआईजी मुनिराज ने आदेश कक्ष और अतिथि गृह का शुभारंभ किया
मुरादाबाद की रिजर्व पुलिस लाइन्स में शुक्रवार को आदेश कक्ष और अतिथि गृह के सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन किया गया। पुलिस उप महानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुनिराज ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मुरादाबाद डॉ. राजेन्द्र पैसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल भी मौजूद रहे। जनपद के समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने आदेश कक्ष और अतिथि गृह में किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में बेहतर बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई, आधुनिक सुविधाओं और आकर्षक साज-सज्जा पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस लाइन्स में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य करने में सहूलियत मिलेगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी अधिक प्रभावी होंगी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने रिजर्व पुलिस लाइन्स की व्यवस्थाओं, सुरक्षा इंतजामों और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने जोर दिया कि पुलिसकर्मियों के कार्यस्थल को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि वे बेहतर माहौल में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिसर में हुए सौंदर्यीकरण कार्य की सराहना की। कार्यक्रम का समापन पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
रावतपुर में छोटे भाई का मर्डर करने वाले को उम्रकैद:लेन-देन के विवाद में सूजा घोंपकर मारा था, कोर्ट में पेश हुए 5 गवाह
2026-05-29 13:56
रावतपुर में छोटे भाई का मर्डर करने वाले को उम्रकैद:लेन-देन के विवाद में सूजा घोंपकर मारा था, कोर्ट में पेश हुए 5 गवाह
रावतपुर में सूजा घोंप कर छोटे भाई की हत्या करने वाले आरोपी को एडीजे–03 की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मई 2023 में दोषी युवक ने लेन–देन के विवाद में अपने भाई की हत्या कर दी थी। अभियोजन की ओर से 5 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। वादिनी सीमा राजपूत ने 31 मई 2023 ने रावतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया था कि उनके पति दीपक राजपूत एकता चौराहे से नमक फैक्ट्री रोड मोड़ पर बर्फ की दुकान लगाते थे। 31 मई की रात 10 बजे पति का अपने बड़े भाई विष्णु से लेन–देन के विवाद में झगड़ा हो गया था। विवाद के दौरान आरोपी विष्णु ने अपने छोटे भाई की सूजे से गोद कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला एडीजे–03 कंचन की कोर्ट में ट्रायल पर था। एडीजीसी इंद्रलता शुक्ला ने बताया कि अभियोजन की ओर से 5 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। सबूतों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी विष्णु को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
हमीरपुर पुल हादसा- स्लैब रोकने के लिए कमजोर सपोर्ट लगाए:मैनेजर 3 दिन साइट नहीं गए; शेल्टर बनवाते तो 6 मजदूर नहीं मरते
2026-05-29 13:53
हमीरपुर पुल हादसा- स्लैब रोकने के लिए कमजोर सपोर्ट लगाए:मैनेजर 3 दिन साइट नहीं गए; शेल्टर बनवाते तो 6 मजदूर नहीं मरते
हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार रात करीब 2 बजे गिर गया। 6 मजदूरों की मौत हो गई। राज्य सेतु निगम स्लैब गिरने की वजह आंधी-तूफान बता रहा है। लेकिन सच्चाई यह नहीं है। हादसा ठेका लेने वाली कानपुर की कंपनी 'द शेल्टर कंस्ट्रक्शन' के इंजीनियर्स और सेतु निगम के अफसरों की लापरवाही से हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने सहायक अभियंता (AE) को सस्पेंड कर दिया है, जबकि डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। अब हादसे के पीछे की लापरवाहियों को जान लीजिए... लापरवाही 1. केबल डाली, शुक्रवार को कसना था; आंधी में ढह गया हादसे की तकनीकी वजह बेहद चौंकाने वाली है। पुल के भारी-भरकम 'सेगमेंट स्लैब' को पिलर पर रोकने के लिए जो सपोर्ट सिस्टम लगाया गया था, वह बेहद कमजोर था। द शेल्टर के निदेशक विजय प्रताप सिंह का दावा करते हैं कि सेगमेंट की कास्टिंग नीचे करके उसे ऊपर चढ़ाया गया था। गुरुवार को उसमें केबल तो डाल दी गई थी, लेकिन उसे खींचा (टाइट) नहीं गया था। हमारा प्लान शुक्रवार को केबल खींचकर उसे सेट करने का था। इसी बीच रात में तूफान आ गया। सवाल. अगर केबल खींचकर ब्लॉक को लॉक नहीं किया गया था, तो उसे आंधी-तूफान के भरोसे अस्थाई और कमजोर सपोर्ट पर क्यों छोड़ दिया गया? यूपी के राहत विभाग ने भी अलर्ट जारी किया था कि 28 से 31 मई तक आंधी-तूफान आएगा। फिलहाल, तकनीकी नियमों के मुताबिक, ऐसे भारी स्ट्रक्चर को बिना लॉक किए छोड़ना ही सबसे बड़ी लापरवाही है। लापरवाही 2. ठेकेदार के भरोसे पूरा काम, 3 दिन से प्रबंधक नहीं गए सेतु निगम के निलंबित सहायक अभियंता गजेंद्र चौधरी ने सेगमेंट स्लैब लगाने की पूरी प्रक्रिया को अपनी निगरानी में कराने के बजाय ठेकेदार के अनुभवहीन इंजीनियर्स और मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया। वहीं, उप परियोजना प्रबंधक दिलीप कुमार पिछले दो-तीन दिनों से मौके पर ही नहीं गए थे। उन्होंने टेंडर की शर्तों और सामग्री की गुणवत्ता की जांच करना भी जरूरी नहीं समझा। लापरवाही 3. मजदूरों के लिए नहीं था शेल्टर, आंधी में भागते रहे श्रमिक कानपुर के नौबस्ता (बाबा नगर) स्थित 'द शेल्टर' कंपनी बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर काम करा रही थी। साइट पर काम करने वाले श्रमिकों के रहने के लिए कोई शेड या उचित प्रबंध नहीं था। अगर कंपनी ने वहां उनके ठहरने की सही व्यवस्था की होती, तो आंधी-तूफान आने पर मजदूरों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर नहीं भागना पड़ता। जो खुद शक के घेरे में, वही करेगा जांच पुल गिरने के बाद सेतु निगम ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय विभागीय जांच कमेटी बना दी है। संयुक्त प्रबंध निदेशक, मुख्य परियोजना प्रबंधक (डिजाइन) और कानपुर के मुख्य परियोजना प्रबंधक (CPM) वीके सेन को कमेटी में शामिल किया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट कानपुर के सीपीएम वीके सेन के ही सुपरविजन में चल रहा था। ऐसे में दोषी अफसर को ही जांच कमेटी में रखने पर विभाग के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि वीके सेन को केवल कमेटी के सामने तथ्य और तकनीकी रिकॉर्ड पेश करने के लिए रखा गया है, वे फैसला नहीं लेंगे। ठेकेदार का राजनीतिक कनेक्शन कंपनी द शेल्टर के निदेशक विजय प्रताप सिंह भाजपा के कानपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री पवन प्रताप सिंह के भाई हैं। उनका भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह, विधान परिषद सभापति मानवेंद्र सिंह और कानपुर के विधायकों से भी संबंध हैं। सरकार का एक्शन, मुख्यमंत्री ने कहा- जांच करिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा- मामले की जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... यूपी में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 की मौत:अफसर बोले- आंधी-बारिश के चलते हादसा, 3 मजदूरों को बचाया गया यूपी के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब शुक्रवार देर रात 2 बजे गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को निकाला। साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि आंधी-बारिश के कारण स्लैब गिरा और नीचे सो रहे मजदूर दब गए। हादसे की जांच कराई जाएगी। पढ़िए पूरी खबर...
सपनों को पंख देने जयपुर पहुंचीं 100 गर्ल्स:तीन दिन तक चलेगा इंटरव्यू राउंड, टॉप-28 प्रतिभागियों को मिलेगी निशुल्क ग्रूमिंग ट्रेनिंग
2026-05-29 13:51
सपनों को पंख देने जयपुर पहुंचीं 100 गर्ल्स:तीन दिन तक चलेगा इंटरव्यू राउंड, टॉप-28 प्रतिभागियों को मिलेगी निशुल्क ग्रूमिंग ट्रेनिंग
ब्यूटी पेजेंट ‘मिस राजस्थान 2026’ के इंटरव्यू राउंड की शुरुआत 200 फीट बाईपास स्थित होटल प्राइम सफारी में हुई। फ्यूजन ग्रुप की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न शहरों और कस्बों से पहुंचीं 100 प्रतिभागियों की आंखों में अपने सपनों को साकार करने का जज्बा साफ दिखाई दिया। इंटरव्यू राउंड के पहले दिन प्रतियोगियों में उत्साह, आत्मविश्वास और कुछ कर गुजरने का जुनून देखने को मिला। राजस्थान के कोने-कोने से आई युवतियों ने अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और सोच के दम पर जजों को प्रभावित करने का प्रयास किया। तीन दिन तक चलने वाली इस चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों का व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संचार कौशल और सामाजिक सोच के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद टॉप-28 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें एक महीने तक विशेष ग्रूमिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। इंटरव्यू राउंड के पहले दिन जूरी पैनल में मिस राजस्थान की आयोजक निमिषा मिश्रा, योगेश मिश्रा, मिस राजस्थान डायरेक्टर एकता जैन, मिस राजस्थान 2025 की फर्स्ट रनरअप मीनाक्षी छापोला, सेकेंड रनरअप ऋषिता काशीवा, मिताली कौर, शाहरुख और सुधीर शामिल रहे। जूरी सदस्यों ने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास, करियर विजन और सामाजिक दृष्टिकोण को परखा। आयोजकों ने बताया कि मिस राजस्थान केवल एक ब्यूटी पेजेंट नहीं बल्कि युवतियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का मंच है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाली प्रतिभागियों से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता। चयनित टॉप-28 प्रतिभागियों को फ्यूजन ग्रुप की ओर से एक महीने की प्रोफेशनल ग्रूमिंग ट्रेनिंग पूरी तरह निशुल्क दी जाएगी। आयोजक योगेश मिश्रा ने बताया कि मिस राजस्थान के 28वें संस्करण की थीम ‘ट्रेडिशन एंड कल्चर प्रमोशन’ रखी गई है। इस वर्ष प्रतिभागियों को केवल मॉडलिंग ही नहीं बल्कि राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़ा जाएगा। उनका उद्देश्य युवतियों को ऐसा मंच देना है जो उनके जीवन में सकारात्मक और प्रेरणादायक बदलाव लेकर आए। उन्होंने बताया कि देश के प्रतिष्ठित ग्रूमर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स चयनित प्रतिभागियों को ट्रेनिंग देंगे। इस दौरान विभिन्न प्री-इवेंट्स, वर्कशॉप्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेशन भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंचों के लिए तैयार किया जा सके। इंटरव्यू राउंड के बाद चयनित टॉप-28 प्रतिभागियों की आधिकारिक घोषणा 6 जुलाई को कूकस स्थित विरासत रेस्टोरेंट में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में की जाएगी। इस अवसर पर प्रतिभागी मधु यादव द्वारा तैयार किए गए ग्रूमिंग लुक और ड्रेसजिला की माधुरी चेतावनी के पारंपरिक राजस्थानी लहंगा कलेक्शन में रैंप पर नजर आएंगी।
जन्मदिन मनाने गया युवक नदी में डूबा:SDRF कर रही तलाश, परिजनों के मना करने पर भी गया था दोस्तों के साथ
2026-05-29 13:49
जन्मदिन मनाने गया युवक नदी में डूबा:SDRF कर रही तलाश, परिजनों के मना करने पर भी गया था दोस्तों के साथ
राजधानी रायपुर के मुजगहन थानाक्षेत्र में स्थित सातपाखर इलाके में जन्मदिन मनाने गए एक युवक के नदी में डूबने से हड़कंप मच गया। घटना मुजगहन थाना क्षेत्र की है, जहां 20 वर्षीय युवक रूपेश देवांगन का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। जानकारी के मुताबिक रूपेश देवांगन, पिता राजकुमार देवांगन, गुढ़ियारी के शुक्रवारी बाजार इलाके का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को उसका जन्मदिन था। वह अपने दोस्तों के साथ सातपाखर नदी किनारे पिकनिक मनाने गया था। पिता ने मना कया, लेकिन दोस्तों के साथ चला गया युवक परिजनों ने बताया कि रूपेश के पिता ने उसे पिकनिक पर जाने से मना किया था, लेकिन वह दोस्तों के साथ चला गया। जन्मदिन के दौरान सभी दोस्त नदी किनारे घूम रहे थे। इसी दौरान रूपेश नदी के गहरे हिस्से में चला गया और अचानक डूबने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव तेज होने और गहराई ज्यादा होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने तत्काल पुलिस और स्थानीय लोगों को सूचना दी। एसडीआरएफ और मुजगहन थाना पुलिस कर रही युवक की तलाश सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और मुजगहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। देर शाम तक युवक का कोई पता नहीं चल सका था। प्रशासन का कहना है कि खोज अभियान लगातार जारी रहेगा। स्थानीय लोगों के मुताबिक सातपाखर नदी का यह हिस्सा काफी गहरा और खतरनाक माना जाता है। यहां पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन लोग बिना सुरक्षा और सावधानी के नदी में उतर जाते हैं। घटना के बाद परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक की मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोरखपुर में 250 युवाओं ने ली ईको ब्रिक ट्रेनिंग:1 क्विंटल प्लास्टिक कचरे से बनाई गईं ईको ब्रिक, सीखा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट
2026-05-29 13:47
गोरखपुर में 250 युवाओं ने ली ईको ब्रिक ट्रेनिंग:1 क्विंटल प्लास्टिक कचरे से बनाई गईं ईको ब्रिक, सीखा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट
गोरखपुर में पूर्वांचल यूथ वेलफेयर एसोसिएशन और फ्लाईअप फाउंडेशन की ओर से शुरू किए गए “नील गगन पूर्वांचल – ईको वॉरियर” अभियान के तहत “ईको ब्रिक ट्रेनिंग और प्रदर्शनी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के प्रति जागरूक करना था। प्रोग्राम में लगभग 250 युवाओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर ईको ब्रिक बनाने और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ली। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न छात्र टीमों की ओर से बनाए गए ईको ब्रिक संरचनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई। आयोजकों ने बताया कि अब तक लगभग 1 क्विंटल प्लास्टिक कचरे के दुबारा उपयोग से विभिन्न उपयोगी और पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं व संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। 'Waste To Value' मॉडल से जोड़ने का प्रयास इस दौरान मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT), दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के छात्र शामिल रहें। साथ ही गेस्ट के तौर पर TSI रामवृक्ष और DDU के प्रोफेसर्स और रोवर्स रेंजर्स के कोऑर्डिनेटर मौजूद रहें। इसके माध्यम से प्लास्टिक कचरे को पर्यावरण में जाने से रोकने के साथ-साथ युवाओं को “Waste To Value” मॉडल से जोड़ने का प्रयास किया गया। अभियान के अंतर्गत अब तक 200 से अधिक ईको ब्रिक्स तैयार किए जा चुके हैं। ईको पार्क विकसित किया जाएगा इन ईको ब्रिक्स से निर्मित संरचनाओं को आगामी समय में विकसित किए जाने वाले “ईको पार्क” में स्थापित किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि आगे चलकर एक विशेष ईको पार्क विकसित किया जाएगा, जिसमें ईको ब्रिक आधारित संरचनाएं, बैठने की व्यवस्था, डस्टबिन, कलात्मक इंस्टॉलेशन एवं क्षेत्रीय पौधों का रोपण किया जाएगा। यह ईको पार्क पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का मॉडल केंद्र बनेगा। 2023 से शुरू किया पहल अभय सिंह ने वर्ष 2023 में एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था (International NGO) से ईको ब्रिक और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इसी प्रशिक्षण से प्रेरित होकर उन्होंने पूर्वांचल क्षेत्र में इस मॉडल को लागू करने की योजना बनाई। इसके बाद उन्होंने PYWA के अध्यक्ष नारायण दत्त पाठक से संपर्क किया, जिनके सहयोग और संगठनात्मक नेतृत्व से यह अभियान व्यापक जनभागीदारी वाला पर्यावरणीय आंदोलन बन सका। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पहले साल में विद्यार्थियों को ईको ब्रिक निर्माण का पायलट ट्रेनिंग दिया गया। दूसरे साल ईको ब्रिक आधारित पायलट संरचनाओं का निर्माण किया गया। वहीं तीसरे साल में ईको पार्क विकास, पूर्ण रूप से ईको संरचनाओं का निर्माण और सक्रिय वॉलंटियर नेटवर्क विकसित किया गया है। 3 महीने का अभियान “नील गगन पूर्वांचल – ईको वॉरियर” एक 3 महीने का पर्यावरणीय अभियान है, जिसके अंतर्गत ईको पार्क विकास, वृक्षारोपण, वेस्ट सेग्रीगेशन और युवाओं की सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में इस अभियान से 150 से अधिक वॉलंटियर्स और इंटर्न जुड़े हुए हैं। समस्या से समाधान में बदलता ईको ब्रिक मॉडल-अभय सिंह फ्लाईअप फाउंडेशन के निदेशक अभय सिंह ने कहा कि “युवाओं को केवल पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहारिक मॉडल से जोड़ना आवश्यक है। ईको ब्रिक एक ऐसा ही मॉडल है जो प्लास्टिक कचरे को समस्या से समाधान में बदलता है।” ईको पार्क युवाओं के लिए प्रेरणा-नारायण दत्त PYWA के अध्यक्ष नारायण दत्त पाठक ने कहा कि “यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी आधारित पर्यावरणीय आंदोलन है। आने वाले समय में ईको पार्क युवाओं के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा।” रोवर एंड रेंजर्स के कोऑर्डिनेटर प्रो. शरद मिश्रा ने कहा कि “युवाओं की ऊर्जा को पर्यावरण संरक्षण जैसे सकारात्मक कार्यों में जोड़ना समय की आवश्यकता है। यह अभियान विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित कर रहा है।” प्लास्टिक अपशिष्ट आज एक गंभीर समस्या- TSI टीएसआई रामवृक्ष यादव ने कहा कि “प्लास्टिक अपशिष्ट आज एक गंभीर समस्या है। इस प्रकार की पहल समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी।”
Hazaribagh News: बेंदगी हरिजन मोहल्ला में 63 केवी ट्रांसफार्मर का हुआ उद्घाटन
2026-05-29 13:47
Hazaribagh News: बेंदगी हरिजन मोहल्ला में 63 केवी ट्रांसफार्मर का हुआ उद्घाटन
हजारीबाग के बरही प्रखंड अंतर्गत बेंदगी हरिजन मोहल्ला में विधायक प्रतिनिधि दिनेश साव द्वारा 63 केवी ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय से जारी लो वोल्टेज और बिजली संकट की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
Hazaribagh News: बेंदगी हरिजन मोहल्ला में 63 केवी ट्रांसफार्मर का हुआ भव्य उद्घाटन
2026-05-29 13:47
Hazaribagh News: बेंदगी हरिजन मोहल्ला में 63 केवी ट्रांसफार्मर का हुआ भव्य उद्घाटन
हजारीबाग के बरही प्रखंड अंतर्गत बेंदगी हरिजन मोहल्ला में विधायक प्रतिनिधि दिनेश साव द्वारा 63 केवी ट्रांसफार्मर का उद्घाटन किया गया। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को लंबे समय से जारी लो वोल्टेज और बिजली संकट की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
RPSC प्राध्यापक-भर्ती में फर्जी एमए डिग्री जारी करने वाला गिरफ्तार:मेवाड़ यूनिवर्सिटी का कार्यालय सहायक ने मेल आईडी से प्रिंटिंग प्रेस को भेजा था डिग्री का प्रारूप
2026-05-29 13:47
RPSC प्राध्यापक-भर्ती में फर्जी एमए डिग्री जारी करने वाला गिरफ्तार:मेवाड़ यूनिवर्सिटी का कार्यालय सहायक ने मेल आईडी से प्रिंटिंग प्रेस को भेजा था डिग्री का प्रारूप
राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नियुक्ति हासिल करने के मामले में एसओजी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कार्यालय सहायक वीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी एमए (हिन्दी) डिग्री तैयार कराने और जारी करने में सहयोग करने का आरोप है। अभ्यर्थी ने आयोग में पेश की थी फर्जी डिग्री एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग में मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार चित्तौड़गढ़ से जारी एमए (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग द्वारा सत्यापन कराने पर यह डिग्री फर्जी पाई गई और विश्वविद्यालय की ओर से जारी नहीं होना सामने आया। इसके बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग की शिकायत पर थाना सिविल लाइन अजमेर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मेल आईडी से प्रिंटिंग प्रेस को भेजा गया था डिग्री का प्रारूप जांच में सामने आया कि मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार के फाइलिंग असिस्टेंट वीरेन्द्र सिंह ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोपी ने अपनी ईमेल आईडी से दिल्ली स्थित प्रिंटिंग प्रेस को फर्जी डिग्री छापने के लिए मेल भेजा था। इसके बाद डिग्री छपवाकर यूनिवर्सिटी मंगवाई गई और उस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कर अभ्यर्थी को उपलब्ध कराया गया। 30 मई तक पुलिस रिमांड पर आरोपी एसओजी ने आरोपी वीरेन्द्र सिंह को डिटेन करने के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 30 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आगे की पूछताछ और जांच जारी है। पहले भी फर्जी डिग्री मामलों में हो चुका गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीरेन्द्र सिंह पुत्र तिलक राम पंवार निवासी आदमपुर पोस्ट दोगाथ, पुलिस थाना दोगाथ जिला बडोत जी. बागपत, उत्तर प्रदेश हाल निवास 4/12, सेक्टर-5, राजेन्द्र नगर, शाहिबाबाद, गाजियाबाद के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी वीरेन्द्र सिंह पूर्व में भी फर्जी डिग्री जारी करने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ अजमेर के सिविल लाइन थाने में पहले से एक मामला दर्ज है। इसके अलावा गुजरात के आनंद थाने में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार एसओजी के अनुसार इस पूरे फर्जी डिग्री प्रकरण में फर्जी डिग्री प्राप्त करने वाली अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी सहित अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।