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पूर्व मेयर पर 1.15 करोड़ लेने का आरोप,VIDEO:रामशरण यादव ने आरोपों को किया खारिज, पूर्व संपदा अधिकारी बोले-शिकायत फर्जी,सांसद प्रतिनिधि पर ब्लैकमैलिंग के आरोप

2026-07-02 05:54:50 bhaskar_hindi
पूर्व मेयर पर 1.15 करोड़ लेने का आरोप,VIDEO:रामशरण यादव ने आरोपों को किया खारिज, पूर्व संपदा अधिकारी बोले-शिकायत फर्जी,सांसद प्रतिनिधि पर ब्लैकमैलिंग के आरोप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। नगर निगम के पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन का...


छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। नगर निगम के पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन का करीब 2 साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला फिर चर्चा में है। वीडियो में तत्कालीन महापौर रामशरण यादव पर 1.15 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। इस बीच मामले में पूर्व संपदा अधिकारी के नाम से कथित तौर पर फर्जी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, आरटीआई एक्टिविस्ट और भाजपा नेता अनुभव तिवारी पर ब्लैकमेलिंग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। कथित फर्जी शिकायत की पहले ही जांच हो चुकी है और जांच में उसे आधारहीन माना गया था। वहीं, अनुभव की शिकायत को भी पुलिस ने पहले ही खारिज कर दिया था। आरोप है कि गणेश ट्रेडर्स को नियमों के खिलाफ टेंडर दिलाने के बदले 1 करोड़ 15 लाख रुपए का लेन-देन हुआ था। वायरल वीडियो में राजेश देवांगन कथित तौर पर इस लेन-देन का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद राजेश देवांगन ने अनुभव तिवारी पर ब्लैकमेल करने और 50 लाख रुपए की मांग करने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में एसएसपी को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी। हालांकि, राजेश देवांगन का कहना है कि उनके नाम से दी गई लिखित शिकायत फर्जी है। वहीं, रामशरण यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। इधर, वीडियो वायरल होने के बाद राजेश देवांगन को सस्पेंड कर दिया गया है। जानिए क्या है पूरा मामला ? कथित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब 2 साल पहले गणेश ट्रेडर्स के संचालक मोनू अग्रवाल को नगर निगम का एक टेंडर मिला था। इसके बाद राजेश देवांगन ने कथित तौर पर मुकेश पाठक के जरिए मोनू अग्रवाल की मुलाकात तत्कालीन महापौर रामशरण यादव से कराई। आरोप है कि महापौर के बंगले में टेंडर को एमआईसी से मंजूरी दिलाने के बदले लेन-देन की बात हुई। पहले 50 लाख रुपए, फिर 50 लाख रुपए और उसके बाद 12 लाख रुपए दिए गए। बाद में महापौर के कहने पर मुकेश पाठक के जरिए 3 लाख रुपए और दिए गए। फर्जी शिकायत में दावा किया गया था कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुकेश मौके पर मौजूद था। कथित शिकायत में यह भी कहा गया कि एमआईसी से टेंडर पास हो गया, लेकिन किसी कारणवश कलेक्टर ने उस टेंडर पर रोक लगा दी। इसके बाद संबंधित पक्ष उच्च न्यायालय पहुंच गया, जहां मामला अभी पेडिंग है। टेंडर विवाद के बाद गणेश ट्रेडर्स से जुड़े मोनू, राजा, शरद और अखिलेश ने कई बार कथित तौर पर राजेश अपने कार्यालय बुलाकर गाली-गलौज की। जान से मारने की धमकी और हमले का आरोप कथित तौर पर राजेश को जान से मारने की धमकी दी और 1.15 करोड़ रुपए वापस करने का दबाव बनाया। यह भी आरोप है कि राजेश के ऊपर कई बार हमला भी किया गया। एक बार राजा अग्रवाल ने कांच की बोतल तोड़कर उनका गला काटने की कोशिश की, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकले। फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराने का आरोप कथित शिकायत में राजेश ने कहा है कि उन्होंने पूर्व महापौर रामशरण यादव से कई बार पैसे वापस दिलाने की बात कही, लेकिन उनकी ओर से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद संबंधित लोगों ने उन पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी दुकान की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव डाला गया। साथ ही डरा-धमकाकर एक कथित फर्जी एग्रीमेंट पर जबरन हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया गया, जिसमें यह लिखा गया कि उन्हें 1 करोड़ 15 लाख रुपए नकद मिले हैं। 2 साल पुराना वीडियो वायरल होने से गरमाया मामला वहीं, इस मामले में राजेश देवांगन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर लेन-देन का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में मेरी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। अनुभव तिवारी नाम के व्यक्ति ने शिकायत की है, जो मुकेश पाठक का दोस्त है और मेरे घर भी आता-जाता था। सोशल मीडिया पर वायरल किया गया वीडियो एडिट किया हुआ है। मेरे साथ किसी तरह की मारपीट भी नहीं हुई है। अनुभव तिवारी ने ही आवेदन तैयार कर मेरे नाम से शिकायत की है। उनका यह भी आरोप है कि उन्हें ब्लैकमेल कर वसूली के लिए दबाव बनाया था। उनके इनकार करने पर अब वीडियो वायरल कर बदनाम किया जा रहा है। संपदा अधिकारी सस्पेंड, जांच कमेटी भी बनी अपर आयुक्त खजांची कुमार ने कहा कि इस मामले में टेंडर पहले ही निरस्त किया जा चुका है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब नगर निगम ने पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन को सस्पेंड कर दिया है। जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। अब इस पूरे विवाद में नगर निगम की जांच समिति की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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