कोरबा के गेवरा परियोजना में बुधवार को संयुक्त मोर्चा एचएमएस, एटक, इंटक और सीटू के बैनर तले हजारों श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। मेन गेट स्थित श्रमिक च...
कोरबा के गेवरा परियोजना में बुधवार को संयुक्त मोर्चा एचएमएस, एटक, इंटक और सीटू के बैनर तले हजारों श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। मेन गेट स्थित श्रमिक चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन में कोल इंडिया प्रबंधन से जेबीसीसीआई-12 (JBCCI-12) का तत्काल गठन करने की मांग उठाई गई। हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष रेशम लाल यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम को "मांग दिवस" के रूप में मनाया गया। वेतन समझौते में देरी पर जताई नाराजगी गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने कहा कि पिछला वेतन समझौता लागू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन नए वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई-12 का गठन अब तक नहीं किया गया। उनका कहना था कि समिति के गठन के बिना वेतन समझौते पर वार्ता शुरू नहीं हो सकती, जिससे कर्मचारियों को संशोधित वेतन और अन्य लाभ मिलने में लगातार देरी हो रही है। गूंजे श्रमिक एकता के नारे प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने "जेबीसीसीआई-12 का गठन जल्द करो" और "श्रमिक एकता जिंदाबाद" जैसे नारे लगाए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। विभागीय कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में ठेका मजदूर भी आंदोलन में शामिल हुए। सभी ने वेतन वृद्धि और भत्तों में संशोधन के लिए तत्काल वार्ता शुरू करने की मांग की। एचआर प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन प्रदर्शन के बाद संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने गेवरा क्षेत्र की मानव संसाधन प्रबंधक श्रीमती सुधा शिंदे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कोल इंडिया प्रबंधन से जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन कर वेतन समझौते की प्रक्रिया शुरू करने और संशोधित वेतन का भुगतान बिना विलंब सुनिश्चित करने की मांग की गई। हड़ताल की चेतावनी हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष रेशम लाल यादव ने कहा कि यदि प्रबंधन ने श्रमिकों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता भी अपनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया के लाखों कर्मचारियों का भविष्य इस वेतन समझौते से जुड़ा है। इसलिए सरकार और प्रबंधन को जल्द निर्णय लेना चाहिए। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि आंदोलन केवल गेवरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोल इंडिया की सभी खदानों में इसे व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।