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2026-10-14 00:00
2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा:अब 2028 में हॉलीवुड तक पहुंचेगा; आंद्रे टिमिन्स ने खोले सलमान, शाहरुख और अमिताभ से जुड़े राज
भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के मकसद से साल 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान, सलमान खान और ऋतिक रोशन तक, बॉलीवुड के कई बड़े सितारों की मौजूदगी ने इस मंच को खास बनाया है। अबू धाबी में होने वाले आगामी आईफा में भी कई नई चीजें देखने को मिलेंगी। सलमान खान का मल्टी-स्टारर परफॉर्मेंस, जान्हवी कपूर का मां श्रीदेवी को ट्रिब्यूट, डिजिटल मंच पर मिर्जापुर गैंग की मेजबानी और हिमेश रेशमिया की पहली आईफा परफॉर्मेंस इस बार के खास आकर्षण होंगे। आईफा के सह-संस्थापक आंद्रे टिमिन्स ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इसके 27 साल के सफर, शुरुआती चुनौतियों, बड़े सितारों से जुड़े दिलचस्प किस्सों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने यह भी बताया कि 2028 में लॉस वेगास में आईफा वर्ल्डवाइड लॉन्च करने की योजना है, जहां भारतीय और हॉलीवुड सिनेमा को एक मंच पर सम्मानित किया जाएगा। सवाल: 2000 में लंदन से शुरू हुआ आईफा आज 27 साल का सफर तय कर चुका है। क्या आपने कभी सोचा था कि यह इतना बड़ा मंच बन जाएगा? जवाब: सच कहूं तो हमने शुरुआत में इतने बड़े सफर की कल्पना नहीं की थी। हमारा मकसद भारतीय सिनेमा को ग्लोबल मंच पर ले जाना और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना था। लंदन में हमारी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमिताभ बच्चन और उस साल मिस वर्ल्ड बनीं युक्ता मुखी मौजूद थीं। इसके बाद मीडिया में आईफा की चर्चा शुरू हो गई। मिलेनियम डोम में हुए पहले आयोजन में करीब 2,500 खास मेहमान शामिल हुए थे। अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, दिलीप कुमार, सुनील दत्त, लता मंगेशकर, आशा भोसले, शाहरुख खान, यश चोपड़ा, यश जौहर और अनिल कपूर जैसे दिग्गजों ने हमारा साथ दिया। अंतरराष्ट्रीय सितारों में एंजेलिना जोली, जैकी चैन, थोरा बर्च और काइली मिनोग भी पहुंचे। उस समय करीब 400 लोगों के दल को संभालना, सभी की व्यवस्था करना और शो को तय समय पर शुरू करना बड़ी चुनौती थी। अक्षय कुमार का शाओलिन मॉन्क्स के साथ परफॉर्मेंस यादगार रहा। इसके अंत में जैकी चैन का स्टेज पर आना भी खास था। सवाल: आईफा का विचार आखिर आया कहां से? जवाब : इससे पहले हम आठ-नौ साल तक घरेलू स्तर पर अवॉर्ड शो कर रहे थे। साल 2000 में हमने सोचा कि भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना चाहिए। हमारे सामने क्रिकेट और सिनेमा जैसे विकल्प थे, लेकिन हमने सिनेमा चुना। हिंदी फिल्मों में संगीत, भावनाएं और ड्रामा लोगों को जोड़ते हैं। विदेशों में रहने वाली भारतीय मूल की दूसरी और तीसरी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना भी हमारा उद्देश्य था। हम भारतीय सिनेमा को एक ग्लोबल ब्रांड बनाना चाहते थे। शुरुआत में नहीं सोचा था कि यह 27 साल तक चलेगा। सवाल: पहले आयोजन के बाद आईफा को आगे बढ़ाना कितना मुश्किल था? जवाब: लंदन के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि इसे आगे कैसे चलाया जाए। किसी बड़े आयोजन के लिए केवल जुनून काफी नहीं होता, उसका कमर्शियल मॉडल भी जरूरी होता है। हमने सन सिटी, साउथ अफ्रीका में आयोजन किया। वहां सोनी चैनल ने आमिर खान की फिल्म 'लगान' खरीदी थी। हमने फिल्म का प्रीमियर आईफा के साथ करने का फैसला किया। इससे आयोजन दो दिन का हो गया। आमिर खान, जो आमतौर पर अवॉर्ड शो से दूरी रखते हैं, 'लगान' के प्रीमियर के लिए वहां आए। इसके बाद साउथ अफ्रीका में हिंदी सिनेमा को लेकर उत्साह बढ़ा। धीरे-धीरे हमने फिल्म प्रीमियर, वर्कशॉप, फिल्म फेस्टिवल और बिजनेस फोरम को भी जोड़ा। स्पॉन्सरशिप, टिकट बिक्री और विदेशी सरकारों के सहयोग से आईफा का एक टिकाऊ मॉडल तैयार हुआ। सवाल: इतने सालों में आईफा की पहचान बनी रही। किन चीजों से आप कभी समझौता नहीं करते? जवाब: सबसे जरूरी है सम्मान और भरोसा। इंडस्ट्री को पता है कि हमारी नीयत साफ है और हम भारतीय सिनेमा को दुनिया में सम्मान दिलाना चाहते हैं। दूसरी चीज क्वालिटी है। कलाकारों को भुगतान करने के साथ हम स्टेज, प्रोडक्शन और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी बड़ा निवेश करते हैं। तीसरी बात है नए प्रयोग। हमने साउथ इंडियन सिनेमा के लिए आईफा उत्सवम, डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए डिजिटल अवॉर्ड्स और क्रिएटर्स के लिए आईफा इनसाइडर जैसे कॉन्सेप्ट शुरू किए हैं। अब गुजराती सिनेमा के लिए आईफा रंगीलो और मराठी सिनेमा से जुड़े आयोजनों की भी योजना है। सवाल: इस बार अबू धाबी में आईफा की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? जवाब: इस बार हम पारंपरिक अवॉर्ड शो के साथ डिजिटल दर्शकों को भी जोड़ रहे हैं। मेन स्टेज पर वरुण धवन होस्ट करेंगे। डिजिटल मंच पर पंकज त्रिपाठी, अली फजल और अभिषेक बनर्जी होस्टिंग करेंगे। 'मिर्जापुर' से जुड़े इन कलाकारों को एक अलग अंदाज में देखना दिलचस्प होगा। परफॉर्मेंस में सलमान खान, करीना कपूर, शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना जैसे सितारे शामिल होंगे। जान्हवी कपूर अपनी मां श्रीदेवी को खास ट्रिब्यूट देंगी। वरुण धवन के साथ करण जौहर, मनीष पॉल और पहली बार अनन्या पांडे भी को-होस्टिंग करेंगी। इसके अलावा डिजिटल अवॉर्ड्स में हिमेश रेशमिया पहली बार आईफा में परफॉर्म करेंगे। उनके एक्ट को लेकर हमारी बड़ी योजनाएं हैं। सवाल: पिछले साल ओटीटी और इस बार यूट्यूब लाइव के जरिए डिजिटल दर्शकों को जोड़ने की क्या रणनीति है? जवाब: पारंपरिक टीवी और डिजिटल, दोनों की अपनी अहमियत है। टीवी का दर्शक वर्ग व्यापक है, जबकि यूट्यूब पर युवा पीढ़ी ज्यादा सक्रिय है। हम दोनों को साथ लेकर चलना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य आईफा की मूल पहचान को बरकरार रखना है- संगीत, डांस, मस्ती और सिनेमा का उत्सव। डिजिटल मंच के जरिए उन दर्शकों तक भी पहुंचना चाहते हैं जो पारंपरिक टीवी से अलग तरीके से मनोरंजन देखते हैं। सवाल: सलमान खान के परफॉर्मेंस को लेकर हर बार उत्सुकता रहती है। इस बार क्या नया होगा? जवाब: हम सलमान से मिलने वाले हैं। वे भी अपने एक्ट में कुछ नया और अलग करना चाहते हैं। इस बार उनके परफॉर्मेंस में कई दूसरे सितारे भी शामिल होंगे। यानी दर्शकों को मल्टी-स्टारर परफॉर्मेंस देखने को मिलेगी। मीटिंग के बाद इसकी बाकी डिटेल्स फाइनल होंगी। सवाल: दोबारा अबू धाबी जाने की क्या वजह रही? जवाब: हम ग्रीस, मलेशिया और सिंगापुर जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे थे, लेकिन अबू धाबी सबसे मुफीद लगा। भारत से इसकी दूरी भी कम है। यास एरिना और वहां का प्रशासन हमारे साथ बहुत सहजता से काम करता है। सलमान से बात हुई तो उन्होंने मजाक में कहा कि अबू धाबी पास है, इसलिए उन्हें ज्यादा दूर न ले जाया जाए। यह सहजता और आपसी समझ हमारे लिए मायने रखती है। सवाल: अबू धाबी में मनोरंजन के अलावा और क्या खास होगा? जवाब: हम छात्रों के लिए मास्टरक्लास आयोजित कर रहे हैं। 'फ्रेंड्स ऑफ आईफा' के तहत करीब 150 स्थानीय छात्रों को जोड़ने की योजना है। मीडिया और एंटरटेनमेंट पर बिजनेस फोरम भी होगा। तेलंगाना हमारा स्टेट पार्टनर बना है। वह अपनी फिल्म सिटी और फिल्म इंस्टीट्यूट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेगा। हमारा मकसद आईफा को सिर्फ एक अवॉर्ड शो नहीं, बल्कि सिनेमा, कारोबार, शिक्षा और संस्कृति से जुड़ा बड़ा मंच बनाना है। सवाल: क्या इस बार किसी इंटरनेशनल स्टार के आने की भी संभावना है? जवाब: हम कुछ अंतरराष्ट्रीय सितारों से संपर्क में हैं। यह देख रहे हैं कि आयोजन के समय कौन इस क्षेत्र में मौजूद हो सकता है। इस बारे में अंतिम तस्वीर बाद में साफ होगी। हम स्थानीय सितारों को भी मंच पर शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सवाल: 2014 में टाम्पा आईफा में जॉन ट्रैवोल्टा आए थे। क्या भविष्य में ऐसे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग देखने को मिलेंगे? जवाब: बिल्कुल, भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाना हमेशा से हमारा उद्देश्य रहा है। इसी दिशा में हम 2028 में लॉस वेगास में अंग्रेजी भाषा में आईफा वर्ल्डवाइड लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं। इसमें भारतीय सिनेमा और हॉलीवुड को एक मंच पर सम्मानित करने का विचार है। कल्पना कीजिए कि शाहरुख खान और केविन हार्ट साथ में होस्टिंग करें, बिली आइलिश और ए.आर. रहमान परफॉर्म करें या ऋतिक रोशन और जेनिफर लोपेज साथ नजर आएं। हम इसी तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कल्पना कर रहे हैं। सवाल: 27 साल के सफर में सबसे चुनौतीपूर्ण आयोजन कौन-से रहे? जवाब: श्रीलंका और टोरंटो के आयोजन बहुत चुनौतीपूर्ण रहे। श्रीलंका में आंतरिक परिस्थितियों के तुरंत बाद आयोजन करना आसान नहीं था। टोरंटो में शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा जैसे सितारे मौजूद थे, लेकिन कई दूसरे कलाकारों की फ्लाइट कैंसिल होने और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं ने आखिरी समय में काफी तनाव पैदा कर दिया था। बड़े आयोजनों में सब कुछ योजना के मुताबिक नहीं चलता। ऐसे समय में टीम का साथ और समय पर फैसले लेना सबसे जरूरी होता है। सवाल: आईफा के दौरान सलमान खान से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो? जवाब: सलमान को दुबई आना था। सुबह चार बजे की फ्लाइट में वे बैठ चुके थे, तभी उन्होंने फोन करके कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही और वे सुबह नौ बजे की फ्लाइट से आएंगे। मैंने पूछा कि अब उनका सामान कैसे उतरेगा? उन्होंने कहा कि सामान वहीं रहने दो, वे घर जाकर सुबह नौ बजे आ जाएंगे। मुझे लगा कि शायद वे नहीं आ पाएंगे, लेकिन वे घर गए, सोए भी नहीं और नौ बजे की फ्लाइट पकड़कर पहुंच गए। वे तीन-चार घंटे मेरे लिए बहुत तनावपूर्ण थे, लेकिन उनका कमिटमेंट शानदार था। सवाल: इतने बड़े सितारों के साथ काम करते हुए किससे सबसे ज्यादा सीखने को मिला? जवाब: अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करना हमेशा खास रहा है। मैंने आईफा में उनके साथ दस साल बिताए। भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में सम्मान दिलाने का उनका विजन बहुत बड़ा था। उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद का आईफा के सफर में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सवाल: आईफा को लेकर आपकी सबसे बड़ी इच्छा क्या है? जवाब: हम चाहते हैं कि लोग आईफा को अपना समझें। जब किसी से पूछा जाता है कि आईफा किसका है, तो वह किसी आयोजक का नाम लेने के बजाय अमिताभ बच्चन, सलमान खान या शाहरुख खान का नाम ले। यही हमारी सफलता है। हम सब एक परिवार की तरह हैं और चाहते हैं कि यह परिवार दुनिया भर में और बड़ा हो।
2026-10-14 00:00
खेल मनोरंजन का साधन ही नहीं इससे व्यक्तित्व निर्माण भी होता
मरंगा स्थित श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित शॉर्ट पिच क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया । टूर्नामेंट का उद्घाटन सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और सभी टीमों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह देखा गया। जितेंद्र यादव ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और आपसी सद्भाव मजबूत होता है। स्थानीय स्तर पर आयोजित टूर्नामेंट युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।
2026-10-13 23:30
हनुमान अंश 2 के लिए करना होगा लंबा इंतजार:एक्टर अमित दुबे बोले- स्क्रिप्ट अभी फाइनल नहीं, 2027 में आ सकती है दूसरी फिल्म
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में टीसी का किरदार निभाने वाले एक्टर अमित दुबे के मुताबिक, इसके दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। स्क्रिप्ट पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है। लेखक विशाल चतुर्वेदी चाहते हैं कि अगला पार्ट भी अच्छी कहानी और बेहतर प्रस्तुति के साथ आए। अमित के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ या ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी कोई फिल्म आ सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता, शूटिंग के अनुभव, संघर्ष और एक्टिंग करियर पर भी बात की। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसके दूसरे पार्ट की चर्चा हो रही है। दर्शकों को कब तक इंतजार करना पड़ सकता है? जवाब: फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी जी ने स्पष्ट किया है कि अभी ‘हनुमान अंश 2’ पर काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि पहली फिल्म हिट हो गई, तो तुरंत दूसरा पार्ट बना दिया जाए। वे चाहते हैं कि अगली फिल्म की कहानी और प्रस्तुति भी अच्छी हो। पहली फिल्म के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और कई गाने भी इसमें इस्तेमाल किए गए। अगली कहानी को बेहतर बनाने में समय लगेगा। मेरी जानकारी के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ नाम की फिल्म आ सकती है। हालांकि, अभी मुझे ‘राम बोला’ के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। सवाल: फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी, इसकी उम्मीद थी? जवाब: शूटिंग के दौरान हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी और रिकॉर्ड तोड़ेगी। मुझे लगता है कि इसका श्रेय लेखक विशाल चतुर्वेदी की मेहनत और उनकी भक्ति भावना को जाता है। फिल्म बनाने का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि महाराज जी के जीवन और उनकी यात्राओं को लोगों तक पहुंचाना था। शायद इसी भावना के कारण दर्शक फिल्म से जुड़ पाए। सवाल: आपको फिल्म में टीसी का किरदार कैसे मिला? जवाब: नवंबर 2025 में मुझे इस किरदार की स्क्रिप्ट मिली। मैंने ऑडिशन दिया और फिर बताया गया कि मेरा चयन हो गया है। फिल्म का बजट कम था, इसलिए कलाकारों की फीस भी कम थी। लेकिन महाराज जी का नाम जुड़ा था, इसलिए मैंने मना करना ठीक नहीं समझा। मुझे सुबह 5:30 बजे चित्रकूट पहुंचना था। उस समय मैं मुंबई में था। रात में फ्लाइट लेकर लखनऊ पहुंचा और वहां से कार चलाकर चित्रकूट गया। सुबह करीब 5 बजे सेट पर पहुंच गया। फिल्म के लिए मेरा खर्च मेरी फीस से भी ज्यादा था। लेकिन मेरे लिए यह काम पैसों से ज्यादा श्रद्धा का विषय था। सवाल: शूटिंग के दौरान कैसा माहौल था? जवाब: शूटिंग चित्रकूट के परसौजा गांव में हुई थी। वहां आज भी ज्यादातर घर कच्चे हैं और दरवाजे छोटे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि घर में प्रवेश करते समय मंदिर की तरह झुककर जाना चाहिए, इसलिए दरवाजे छोटे बनाए जाते हैं। वहां बहुत सकारात्मक माहौल था। मेरे एक सीन में मुझे महाराज जी से माफी मांगनी थी। भावनाओं को सही तरीके से दिखाने के लिए इस सीन के कई टेक हुए। निर्देशक चाहते थे कि हर दृश्य में भाव पूरी तरह उभरकर आए। इसी मेहनत से फिल्म के दृश्य प्रभावशाली बने। सवाल: कम बजट और दूसरी परेशानियों के बीच फिल्म कैसे पूरी हुई? जवाब: शूटिंग के दौरान कई समस्याएं आईं। मेकअप का सामान चोरी हो गया, एक मुख्य कलाकार ने फिल्म छोड़ दी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी चले गए। शूटिंग का कार्यक्रम 28 दिन का था, लेकिन फिल्म 22 दिनों में पूरी करनी पड़ी। ऐसे समय में सभी ने मिलकर काम किया। किसी ने गाना गाया, किसी ने अभिनय किया और सबने अपनी जिम्मेदारी निभाई। लगा कि यह हम सभी का अपना काम है। मुझे एक पंक्ति याद आती है- ‘अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में। ’ हमने भी पूरी श्रद्धा के साथ काम किया। सवाल: आपने एक्टिंग के लिए टीचिंग जैसे पेशे को क्यों नहीं छोड़ा? जवाब: मैं केमिस्ट्री का शिक्षक हूं और आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाता हूं। मैंने कई विद्यार्थियों को इंजीनियर और डॉक्टर बनने में मदद की है। एक्टिंग के शुरुआती दिनों में छोटे रोल मिलते थे और एक दिन के काम के लिए करीब 2,000 से 3,000 रुपए मिलते थे। इतने पैसों में खर्च चलाना मुश्किल था, इसलिए पढ़ाना जारी रखा। मैं लखनऊ से मुंबई आने-जाने में अपनी बचत का काफी हिस्सा खर्च करता था। साथ ही थिएटर करता था। भरोसा था कि मेहनत करता रहूंगा, तो एक दिन अच्छा मौका जरूर मिलेगा। सवाल: एक्टिंग में आने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: मैं महेंद्र सिंह धोनी का बड़ा फैन हूं। एक बार मैंने उनके जैसे बाल रंगवा लिए, लेकिन मुझे अपना लुक पसंद नहीं आया। बच्चों को कह दिया कि एक छोटे से रोल के लिए ऐसा किया है। बाद में बच्चों ने पूछा कि वह रोल कब आएगा। उस बात को सच साबित करने के लिए मुंबई आया और ऑडिशन देने लगा। मुझे ‘तुलसी’ नाम के सीरियल में डॉक्टर का छोटा-सा रोल मिला। सेट पर काम करने का अनुभव अच्छा लगा। इसके बाद थिएटर करना शुरू किया और एक साल में छह-सात नाटक किए। धीरे-धीरे छोटे रोल मिलने लगे। सवाल: ‘हनुमान अंश’ के बाद आपके करियर में क्या बदलाव आया? जवाब: मैंने ‘वॉर 2’ और ‘पति पत्नी और वो 2’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ‘अनुपमा’ और ‘सीआईडी’ जैसे सीरियल भी किए हैं। पहले सोशल मीडिया पर मेरे करीब 10 फॉलोअर्स थे। अब मेरी पहचान बढ़ी है और लोग मुझे जानने लगे हैं। ‘हनुमान अंश’ मेरे लिए बहुत खास है। मैं इसे अभाव का प्रभाव कहता हूं, क्योंकि कम संसाधनों के बावजूद सभी ने मिलकर इसे बनाया। अब दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए आगे कोई भी प्रोजेक्ट चुनते समय ज्यादा जिम्मेदारी महसूस करूंगा।
2026-10-13 23:20
तनुश्री ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल:बोलीं- बॉलीवुड में किसी ने शव नहीं देखा, विदेश में जिंदा हो सकते हैं
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन और उनके अंतिम संस्कार के समय पर सवाल खड़े किए हैं। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान तनुश्री ने दावा किया कि बॉलीवुड या मीडिया से किसी भी व्यक्ति ने नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर नहीं देखा। उन्होंने देर रात 11:28 बजे अंतिम संस्कार किए जाने की जल्दबाजी पर भी आपत्ति जताई है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि कानूनी मामलों से बचने के लिए यह नाटक रचा गया हो सकता है। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन हुआ था। इंस्टाग्राम लाइव में अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि बॉलीवुड और मीडिया के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, लेकिन नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की रात 11:28 बजे पुणे के पास डोन्जे गांव वाले फार्महाउस पर किया गया। तनुश्री ने सवाल उठाया कि इतनी रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने की क्या जल्दी थी और क्या उनके परिवार ने भी चेहरा ठीक से देखा था। 'अस्पताल ले जाने के वीडियो और फोटो क्यों नहीं हैं' तनुश्री ने इंस्टाग्राम लाइव में अस्पताल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ था, तब भी फोटो और वीडियो सामने आए थे। हालांकि, नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने, वहां मृत घोषित करने और पोस्टमार्टम किए जाने का एक भी वीडियो या फोटो सामने नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के समय चेहरा ढका हुआ था, जिससे किसी को असलियत पता नहीं चली। विदेश में जिंदा होने का दावा, डीएनए टेस्ट की मांग तनुश्री दत्ता ने यह भी दावा किया कि जिस शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, वह नाना पाटेकर का नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि कानूनी मुकदमों और पुलिस जांच से बचने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया गया हो सकता है और अभिनेता सिंगापुर या मलेशिया में मौजूद हो सकते हैं। मीटू आंदोलन से शुरू हुआ था विवाद तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2008 से चला आ रहा है। तनुश्री ने फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साल 2018 में जब भारत में मीटू (#MeToo) आंदोलन शुरू हुआ, तब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया। तनुश्री के वकील नितिन सतपुते ने अक्टूबर 2018 में मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में अर्जी देकर नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी और डायरेक्टर राकेश सारंग का नार्को-एनालिसिस और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। हालांकि, जून 2019 में पुलिस ने जांच के बाद नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी थी। नाना पाटेकर ने आरोपों पर बात की थी साल 2024 में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर से पूछा गया था कि तनुश्री द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर उन्हें गुस्सा आया था। इस पर नाना ने कहा था, “झूठ है, तो गुस्सा किस बात का? अब जो बातें हो गई थीं, उसके बारे में क्या बोलें। मुझे गुस्सा नहीं आया। ” एफआईआर के सवाल पर नाना ने कहा था, “वो तो ठीक है, वो बाकी का कुछ भी होता है, उसके लिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अभी इतने सामने अगर कोई एक बच्चा-बच्ची बोले कि हमने... इसने हमसे ज्यादती की, अब सभी मालूम है न सबको क्या हुआ है। कुछ नहीं मालूम, ही नहीं कुछ हुआ ही नहीं था, तो हमें क्या मालूम हुआ होता? हुआ होता तो कुछ हम बयान करते थे, बताते। कोई कहता है कि आपने ऐसे किया, हम क्या कहेंगे? हमने नहीं किया, इसके अलावा क्या कह सकते हैं। ” ये खबर भी पढ़ें नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई:हार्ट की नस में खून का थक्का जमने से आया था हार्ट अटैक नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के एक सीनियर डॉक्टर ने रविवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें
2026-10-13 21:59
Bijnor: धामपुर में आशा-संगिनी और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन, छठे दिन भी हड़ताल जारी, 20 हजार वेतन
बिजनौर: धामपुर में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल छठे दिन भी जारी, 20 हजार वेतन की मांग
2026-10-13 21:00
अमेठी में बदले सियासी समीकरण: राकेश प्रताप ने थामा भाजपा का हाथ, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी हुए भाजपाई
गौरीगंज से लगातार तीन बार समाजवादी पार्टी के विधायक रहे राकेश प्रताप सिंह बुधवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।
2026-10-13 15:25
Entertainment News-आम्रपाली दुबे ने निरहुआ की गर्लफ्रेंड्स पर की बात, शादी की अफवाहों पर भी दी सफाई
Entertainment News-भोजपुरी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे ने रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ में अपने सह-अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के साथ रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। शो में माही विज ने जब उनसे पूछा कि क्या निरहुआ की पहले गर्लफ्रेंड्स थीं, तो आम्रपाली ने जवाब दिया, “गर्लफ्रेंड्स तो रही ही होंगी। ” उन्होंने यह भी … The post Entertainment News-आम्रपाली दुबे ने निरहुआ की गर्लफ्रेंड्स पर की बात, शादी की अफवाहों पर भी दी सफाई first appeared on Ek Sandesh. The post Entertainment News-आम्रपाली दुबे ने निरहुआ की गर्लफ्रेंड्स पर की बात, शादी की अफवाहों पर भी दी सफाई appeared first on Ek Sandesh.
2026-10-13 14:15
सेवा संकल्प अभियान के तहत ब्लॉक स्तरीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में रॉयल भारती ने मारी बाजी
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2026-10-13 13:37
करण ने सलमान से पूछा- आप अभी भी वर्जिन हो?:एक्टर बोले- कंट्रोल भाई; 13 साल पहले इसी सवाल पर हुआ था विवाद
करण जौहर ने 13 साल बाद फिर सलमान खान से वर्जिनिटी पर सवाल किया है। टॉक शो 'कॉफी विद करण सीजन 9' के पहले एपिसोड में सलमान पहले गेस्ट के तौर पर शामिल हुए हैं। इसके प्रोमो वीडियो में करण जौहर ने सलमान से 13 साल पुराना वही सवाल दोहराया कि "क्या आप अभी भी वर्जिन हैं?"। इस पर सलमान खान ने अपने अंदाज में चुटकी लेते हुए जवाब दिया- "कंट्रोल भाई, कंट्रोल"। इससे पहले करण ने यही सवाल साल 2013 में सीजन 4 के दौरान पूछा था, जिस पर सलमान के जवाब ने विवाद खड़ा कर दिया था। 13 साल बाद फिर पूछा वर्जिनिटी का सवाल नए प्रोमो में सलमान खान और करण जौहर के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिल रही है। करण जौहर ने इंटरों में सलमान को एक समझदार इंसान के तौर पर पेश करते हुए उनके हालिया बयान 'इट्स डन ब्रो' का जिक्र किया, जो उन्होंने सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान लिखा था। बातचीत के दौरान करण ने पुराना सवाल दोहराते हुए पूछा कि क्या वे अब भी वर्जिन हैं? इस पर सलमान ने मजाकिया लहजे में हाथ जोड़कर कंट्रोल करने को कहा। इसके साथ ही सलमान ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या करण 'लास्ट सीजन' बोलकर सभी स्टार्स को शो में बुला रहे हैं। जब करण ने कहा कि वे सच में वापस नहीं आएंगे, तो सलमान ने 'कुछ कुछ होता है' का डायलॉग बोलते हुए कहा- "करण तुसी ना जाओ"। 2013 में सीजन 4 के दौरान क्या हुआ था विवाद? 1 दिसंबर 2013 को स्टार वर्ल्ड पर 'कॉफी विद करण सीजन 4' का पहला एपिसोड प्रसारित हुआ था। इस शो में पहली बार काउच पर बैठे सलमान खान से करण जौहर ने उनकी लव लाइफ, अफेयर्स और शादियों को लेकर सवाल पूछे। तब करण जौहर के इस सवाल पर सलमान खान ने बेहद गंभीर चेहरा बनाकर कहा था, "हां, मैं वर्जिन हूं और खुद को शादी के लिए बचाकर रख रहा हूं"। सलमान खान का यह बयान आते ही इंटरनेट पर वायरल हो गया। उस दौर में सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर कई मीम्स बनाए गए। न्यूज चैनल्स पर यह डिबेट का मुद्दा बना। कई लोगों ने सलमान के इस बयान को सच मानकर उन पर सवाल उठाए, जबकि फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना था कि सलमान ने करण जौहर के निजी सवालों का मजाक उड़ाने के लिए यह जवाब दिया था। यह बयान करीब तीन साल बाद एक बार फिर चर्चा में आया। 2016 में ‘कॉफी विद करण’ के पांचवें सीजन के 100वें एपिसोड में सलमान अपने भाइयों अरबाज खान और सोहेल खान के साथ पहुंचे थे। इस दौरान करण जौहर ने उनसे दोबारा यही सवाल किया। सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा कि कुछ नहीं बदला है और वह अब भी वर्जिन हैं। करण जौहर का स्पष्टीकरण और किताब में जिक्र मामला बढ़ता देख बाद में करण जौहर को खुद कई मंचों पर इस बयान की सच्चाई बतानी पड़ी थी। करण जौहर ने अपनी बायोग्राफी ‘एन अनसूटेबल बॉय’और कई इंटरव्यूज में खुलासा किया कि सलमान खान ने वह बात पूरी तरह से मजाक में कही थी। करण ने बताया कि सलमान का सेंस ऑफ ह्यूमर ऐसा है कि वे बिना मुस्कुराए या गंभीर चेहरा बनाकर भी मजाक कर सकते हैं। हालांकि, बाद में करण जौहर ने साफ किया था कि सलमान ने यह बात किसी गंभीर कबूलनामे के तौर पर नहीं, बल्कि अपने सेंस ऑफ ह्यूमर के तहत मजाक में कही थी। पैपराजी और पर्सनल लाइफ पर खुलकर बोले सलमान प्रोमो में करण जौहर ने सलमान की तारीफ करते हुए कहा कि वे अब काफी शांत और संयमित नजर आते हैं। इस पर सलमान ने कहा कि जो सलाह वे दूसरों को देते थे, अब एक ऐसा वक्त आ गया है जब उन्हें खुद अपनी सलाह माननी पड़ रही है। इसके अलावा एपिसोड में सलमान पैपराजी कल्चर, सोशल मीडिया ब्रांडिंग, सेहत से जुड़ी समस्याओं और अपनी फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन पर भी बात करते दिखेंगे। पपराजी और फोन कैमरों पर चुटकी लेते हुए सलमान ने कहा कि जिसने फोन में कैमरा बनाया है, अगर वह मिल जाए तो ....…। वहीं जब करण ने पूछा कि क्या वे रैपिड फायर हैंपर के लिए लड़ेंगे, तो सलमान ने हंसते हुए कहा कि वे हैंपर नहीं बल्कि 'पैम्पर' के लिए लड़ेंगे। 22 साल बाद बंद हो रहा 'कॉफी विद करण' करण जौहर ने 30 सितंबर को एक वीडियो पोस्ट कर ऐलान किया था कि यह 'कॉफी विद करण' का आखिरी सीजन होगा। उन्होंने याद दिलाया कि 16 अगस्त 2004 को इस शो का पहला एपिसोड शूट हुआ था। 22 सालों में 8 सीजन के तहत कुल 161 एपिसोड्स प्रसारित किए जा चुके हैं। करण ने स्वीकार किया कि इस शो के कारण 'नेपोटिज्म' और विवादों से उनका नाम जुड़ा, लेकिन दर्शकों का प्यार भी मिला। इस आखिरी सीजन में सलमान खान के अलावा विजय देवरकोंडा, रश्मिका मंदाना, काजोल, करीना कपूर, जया बच्चन, आमिर खान, सैफ अली खान और फरहान अख्तर जैसे स्टार्स भी शिरकत करेंगे। ये खबर भी पढ़ें 22 साल बाद खत्म होगा ‘कॉफी विद करण’:कभी शो में कंगना ने करण को कहा था मूवी माफिया; सलमान-दीपिका के बयानों की भी हुई थी चर्चा करण जौहर का मशहूर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ 22 साल के लंबे सफर के बाद बंद होने जा रहा है। शो का 9वां और अंतिम सीजन 14 अक्टूबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। करण जौहर ने शो के अंतिम सीजन की घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें
2026-10-13 13:07
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