महासमुंद पुलिस ने लगातार दो दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान में कुल 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम अवैध गांजा नष्ट किया है। जब्त मादक पदार्थ की कुल अनुम...
महासमुंद पुलिस ने लगातार दो दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान में कुल 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम अवैध गांजा नष्ट किया है। जब्त मादक पदार्थ की कुल अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई शासन के दिशा-निर्देशों के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। मंगलवार को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के 33 प्रकरणों में जब्त 9 क्विंटल 95 किलो 30 ग्राम (995.030 किलोग्राम) गांजा नष्ट किया। इसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 34 लाख 73 हजार रुपये बताई गई है। नष्टीकरण की प्रक्रिया बेलसोंडा स्थित बालाजी प्लांट में पूरी की गई। समिति की मौजूदगी में हुआ सत्यापन नष्टीकरण से पहले जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला आबकारी अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी तथा रक्षित निरीक्षक की उपस्थिति में जब्त गांजे का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद नियमानुसार पूरे मादक पदार्थ का नष्टीकरण किया गया। इन थानों के 33 प्रकरण शामिल मंगलवार की कार्रवाई में थाना सिंघोड़ा के 17, पटेवा के 2, कोमाखान के 2, बसना का 1, सांकरा के 3, बलौदा के 3, तुमगांव के 2 और बागबाहरा के 3 प्रकरण शामिल रहे। इनमें वर्ष 2025 के 7 और वर्ष 2026 के 26 मामले शामिल हैं। दो दिनों में 40 मामलों का गांजा नष्ट इससे पहले 29 जून को पुलिस ने 7 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त 9 क्विंटल 98 किलो 70 ग्राम गांजा नष्ट किया था, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 12 लाख 5 हजार 500 रुपये थी। लगातार दो दिनों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल 40 मामलों में जब्त 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम गांजा नष्ट किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये है। पुलिस ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।