दुर्ग पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे और अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार ...
दुर्ग पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे और अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नशीली टेबलेट, अवैध शराब, मोटरसाइकिल और नकदी सहित 97 हजार रुपये से अधिक का सामान जब्त किया है। मोहन नगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर धमधा रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र से ग्रीन चौक निवासी राहुल गाडा (20) को गिरफ्तार किया। उसके पास से 10 स्ट्रीप में कुल 150 नग प्रतिबंधित अल्फाजोलम टेबलेट बरामद हुईं, जिनकी कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई गई है। नशीली टेबलेट बेचने वाला युवक गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी के पास से बिक्री के 920 रुपये नकद भी जब्त किए। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 22 और 27(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाइक से शराब ले जा रहा युवक पकड़ा नंदिनी नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ग्राम पोटिया के पास घेराबंदी कर राजा डेहरे (19), निवासी ग्राम मुरमंदा को गिरफ्तार किया। वह मोटरसाइकिल से 15 अध्धी देशी मसाला शराब ले जा रहा था। पुलिस ने शराब के साथ परिवहन में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त की। जब्त शराब और बाइक सहित करीब 33 हजार रुपये की संपत्ति बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई। बाड़ी में छिपाकर बेच रहा था शराब जामुल थाना पुलिस ने ग्राम नारधा में कार्रवाई करते हुए चैन सिंह पटेल (38) को गिरफ्तार किया। आरोपी अपने घर की बाड़ी में देशी मसाला शराब छिपाकर बेच रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 33 पौवा देशी मसाला शराब (7.38 बल्क लीटर) बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 4,100 रुपये है। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। नशे के कारोबार पर जारी रहेगा अभियान दुर्ग पुलिस ने बताया कि जिले में गांजा, अवैध शराब, प्रतिबंधित दवाइयों और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी व बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।