कवर्धा में भारतीय किसान संघ और समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ के बैनर तले सैकड़ों गन्ना किसानों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे-130 जाम कर दिया। पंडरिया स्थि...
कवर्धा में भारतीय किसान संघ और समृद्ध छत्तीसगढ़ किसान संघ के बैनर तले सैकड़ों गन्ना किसानों ने मंगलवार को नेशनल हाईवे-130 जाम कर दिया। पंडरिया स्थित लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के सामने पालनसारी मोड़ पर किसानों ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। ट्रैक्टर खड़े कर रोका यातायात धरना शुरू करने से पहले किसानों ने सभा की और इसके बाद ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर हाईवे जाम कर दिया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। राशन और गैस सिलेंडर के साथ पहुंचे किसान आंदोलनकारी किसान राशन, गैस चूल्हा और अन्य जरूरी सामान लेकर धरना स्थल पहुंचे हैं। उन्होंने वहीं भोजन बनाने और रात गुजारने की व्यवस्था की। शाम को बारिश होने के बावजूद किसान धरने पर डटे रहे और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। 30 करोड़ से अधिक भुगतान बकाया किसानों का मुख्य आरोप है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय शक्कर कारखाने पर गन्ना किसानों का करीब 30 करोड़ रुपये बकाया है। उनका कहना है कि भुगतान नहीं मिलने से वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और खेती के लिए खाद, बीज व अन्य संसाधन जुटाने में परेशानी हो रही है। एमडी ने दिया 10 जुलाई तक भुगतान का आश्वासन धरना स्थल पर पहुंचे शक्कर कारखाने के प्रबंध संचालक यू.के. कौशिक ने बताया कि गन्ने के मूल भुगतान और रिकवरी राशि सहित किसानों का 30 करोड़ 55 लाख रुपये बकाया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 10 जुलाई तक 10 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा कर दिए जाएंगे। हालांकि भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों और किसानों ने इस आश्वासन को पर्याप्त नहीं माना और आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। देर रात तक किसान धरना स्थल पर ही भोजन बनाते रहे। विधायक ने जल्द भुगतान का भरोसा दिया पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों की बकाया राशि जल्द उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, सहकारिता विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान मिल सके। विधायक के अनुसार, किसानों से खरीदे गए गन्ने का शेष भुगतान और रिकवरी राशि जुलाई से अगस्त के बीच पूरी तरह जारी कर दी जाएगी।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।