गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने सागौन तस्करी की बड़ी योजना को नाकाम कर दिया है। स्मार्ट सर्विलांस की मदद से नदी के रास्ते ओडिशा ले जाए जा रहे लकड़ी के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग ने सागौन तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। स्मार्ट सर्विलांस, मानसून पेट्रोलिंग और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने 3 शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कीमती सागौन के लट्ठे को नदी के बहाव के सहारे अवैध रूप से पड़ोसी राज्य ओडिशा ले जाने की फिराक में थे।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
यह मामला 22 अगस्त को सामने आया जब उत्तर उदंती परिक्षेत्र के कुरूभाठा बीट कक्ष क्रमांक 03 में गश्त के दौरान वन विभाग को सागौन के पेड़ का कटा हुआ ठूंठ मिला। पास ही उदंती नदी में अर्जुन के पेड़ की जड़ों से रस्सी के सहारे बंधा सागौन का एक लट्ठा भी बरामद हुआ। विभाग ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम सक्रिय किया। 26 अगस्त को फुटेज में दो संदिग्ध नजर आए, जिनकी पहचान बरगांव (मैनपुर) निवासी भोजलाल नागेश (38) और गंगाराम विश्वकर्मा (34) के रूप में हुई।
ओडिशा तक फैला था तस्करी का नेटवर्क
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता भोजलाल नागेश और उसके सहयोगी गंगाराम ने पेड़ काटकर लट्ठे को नदी में छिपाया था, जिसे बेड़ा बनाकर ओडिशा भेजने की योजना थी। मामले के अंतरराज्यीय तार जुड़े होने पर ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के सिनापाली निवासी सरगना शोभाचन्द्र नायक (50) को गरियाबंद पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। शोभाचन्द्र पहले भी वन अपराधों में शामिल रहा है और उसने ही कटाई का ठेका दिया था।
सामग्री जब्त और आगे की कार्रवाई
वन विभाग ने मौके से 0.95 घनमीटर सागौन जब्त किया है। मुख्य साजिशकर्ता भोजलाल के घर से हाथ आरा और साल की चिरान भी बरामद हुई है। इस मामले में कुल 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 3 अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।