दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 50 साल पुरानी इमारत ढहने से 6 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य और पीजी संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दिल्ली: देश की राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक पुरानी इमारत ढहने से बड़ा नुकसान हुआ है। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अवैध निर्माण और बेसमेंट के काम पर उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गिरी हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पुरानी बिल्डिंग के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इसके अलावा, ऊपरी मंजिलों पर छात्रों के लिए पीजी (Paying Guest) का संचालन किया जा रहा था। स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों द्वारा इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि क्या बेसमेंट की खुदाई या अवैध निर्माण की वजह से यह इमारत कमजोर हुई और ढह गई।
प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा पर बहस
इस हादसे ने दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में पुराने भवनों की सुरक्षा और अवैध रूप से चल रहे कमर्शियल गतिविधियों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर पुरानी इमारतों में बेसमेंट की खुदाई और व्यावसायिक गतिविधियां धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन इस दुखद घटना के गुनहगारों की तलाश जारी है। पुलिस और नगर निगम (MCD) के अधिकारी इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।