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शिक्षक दिवस पर भावुक हुए डॉ. रमन सिंह, पुराने गुरुओं को किया याद

2026-09-07 04:08:04 bhaskar_hindi
शिक्षक दिवस पर भावुक हुए डॉ. रमन सिंह, पुराने गुरुओं को किया याद

शिक्षक दिवस के अवसर पर राजनांदगांव विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने पुराने गुरुजनों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी रसायन शास्त्र की शिक्षिका से मुलाकात की यादें साझा कीं।


राजनांदगांव: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर राजनांदगांव के विधायक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने पुराने गुरुजनों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने स्कूली दिनों की यादें साझा कीं और बताया कि कैसे लंबे समय बाद उनकी मुलाकात उनकी रसायन शास्त्र (Chemistry) की शिक्षिका कुमुदनी वैष्णव मैडम से हुई। इस मुलाकात ने उन्हें अपने छात्र जीवन और शिक्षकों के अमूल्य मार्गदर्शन की याद दिला दी।

कठिन विषयों को आसान बनाती थीं कुमुदनी मैडम

डॉ. रमन सिंह ने याद किया कि स्कूल के दिनों में अणु-परमाणु (Atoms & Molecules) और आवर्त सारणी (Periodic Table) जैसे विषय उन्हें काफी कठिन लगते थे। लेकिन, कुमुदनी मैडम उन जटिल विषयों को बेहद सरल तरीके से समझाती थीं और हमेशा उनका हौसलाफजाई करती थीं। उनके मार्गदर्शन से ही कठिन लगने वाले सवाल भी आसानी से समझ आने लगे थे।

हिंदी और फिजिक्स के शिक्षकों का भी किया जिक्र

कुमुदनी मैडम से मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह को अपने अन्य शिक्षक भी शिद्दत से याद आए। उन्होंने हिंदी के ‘झा सर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो भाषा और व्याकरण की शुद्धता पर बहुत जोर देते थे। वहीं, फिजिक्स के शिक्षक श्याम सुंदर चटर्जी सर ने उन्हें गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों को प्रैक्टिकल रूप में समझाना सिखाया था। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षकों ने केवलता किताबी ज्ञान नहीं दिया, बल्कि जीवन में सोचने और समझने का सही तरीका भी सिखाया।

साधारण ‘रमन’ से ‘डॉ. रमन’ तक का सफर

अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा, “आप सभी अध्यापकों की मेहनत, अथक प्रयास और सही मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि क्लास की लकड़ी की मेज पर बैठने वाला एक साधारण छात्र ‘रमन’ आज ‘डॉ. रमन’ बन सका है।” उन्होंने शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को नमन किया और उनके योगदान को अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया।

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