भिलाई के हॉस्पिटल सेक्टर में 50 साल से रह रहे 702 परिवारों पर बेदखली का मंडराता खतरा। विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में रहवासियों ने कलेक्टर से मिलकर सेक्टर-9 में स्थायी आवास की मांग की।
भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित हॉस्पिटल सेक्टर, वार्ड 69 के करीब 50 साल से रह रहे 702 परिवारों पर बेदखली का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। स्थायी मकान और उचित पुनर्वास की मांग को लेकर बुधवार को स्थानीय रहवासियों ने विधायक देवेंद्र यादव के नेतृत्व में जिला कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से तत्काल घर खाली कराने की कार्रवाई रोकने और रहने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।
रोज़ी-रोटी और बच्चों की पढ़ाई पर संकट
रहवासियों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि वे पिछले पांच दशकों से यहां निवास कर रहे हैं और उनकी कई पीढ़ियां यहीं बड़ी हुई हैं। इनमें ज्यादातर परिवार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। कई महिलाएं और पुरुष सेक्टर-9 स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के अस्पताल और अन्य विभागों में सफाईकर्मी व वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में करीब 400 बच्चे पढ़ रहे हैं। अचानक बेदखल किए जाने से इनकी रोजी-रोटी और बच्चों की शिक्षा पर गहरा संकट आ गया है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद इलाके में बीएसपी प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर गड्ढे खोदने और क्वार्टर खाली कराने के बोर्ड लगाने से लोगों में भय का माहौल है। पूर्व में पूर्व मंत्रियों की बैठक में 10 एकड़ जमीन देने पर सहमति की बात भी उठी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।
सेक्टर-9 में ही पीएम आवास की मांग
विधायक देवेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इसका समाधान नहीं निकला, तो प्रभावित परिवार कोर्ट की लड़ाई के साथ-साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रभावितों को सेक्टर-9 क्षेत्र में ही मकान उपलब्ध कराए जाएं।