रायपुर में स्मार्ट मीटर लगाने के अनिवार्य आदेश के विरोध में शहर जिला कांग्रेस ने राजीव गांधी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी हुई और ऊर्जा मंत्रालय के आदेश की प्रतियां जलाई गईं।
रायपुर: राजधानी रायपुर में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के आदेश के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी चौक पर केंद्र सरकार के आदेश का पुतला बनाकर फूंका और जमकर नारेबाजी की।
पुलिस के साथ हुई झूमाझटकी
प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन रोकने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झूमाझटकी भी देखने को मिली। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद कार्यकर्ताओं ने ऊर्जा मंत्रालय के आदेश की प्रतियों को आग के हवाले कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का दावा है कि 12 अगस्त को केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने राज्यों के मुख्य सचिवों को स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
एक महीने से चल रहा है 'स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान'
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि प्रदेश में पिछले एक महीने से 'स्मार्ट मीटर हटाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इसके तहत रायपुर के विभिन्न वार्डों में कार्यकर्ता घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने घरों में स्मार्ट मीटर न लगवाएं। नेताओं ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पुराने बयान का हवाला देते हुए सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस ने की दो महीने तक दोनों मीटरों की टेस्टिंग की मांग
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय और पंकज शर्मा ने मांग की कि स्मार्ट मीटर के साथ-साथ पुराने मीटर भी कुछ समय के लिए लगे रहने चाहिए। नेताओं ने सुझाव दिया कि 2 से 3 महीने तक दोनों मीटरों की टेस्टिंग कराई जानी चाहिए और जब उपभोक्ता पूरी तरह संतुष्ट हो जाएं, तभी पुराने मीटर हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस ने महंगाई और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर भी सरकार पर तीखा हमला बोला है।