आम आदमी पार्टी के छत्तीसगढ़ कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी पर दिल्ली से फैसले थोपने और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
रायपुर: आम आदमी पार्टी (AAP) को छत्तीसगढ़ में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और छत्तीसगढ़ प्रभारी मुकेश अहलावत को भेज दिया है। जायसवाल ने पार्टी की मौजूदा कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि प्रदेश संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
दिल्ली से थोपे जा रहे हैं फैसले
अपने इस्तीफे में उत्तम जायसवाल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में संगठन का आंतरिक संवाद कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली से आने वाले कुछ लोगों की पसंद-नापसंद के आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से कोई चर्चा नहीं की जाती। इससे कार्यकर्ताओं में भारी निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।
2023 की गलतियों से नहीं लिया सबक
जायसवाल ने 2023 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान पार्टी के पुराने और संघर्षशील कार्यकर्ताओं ने खुद को उपेक्षित महसूस किया था। उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी इस अनुभव से सीख लेगी, लेकिन आने वाले चुनावों की तैयारियों में भी वही स्थितियां दोबारा बन रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पद पर बने रहना उनके लिए राजनीति नहीं है, बल्कि उनके लिए आत्मसम्मान और कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है।
चुनावी तैयारियों के बीच बड़ा झटका
उत्तम जायसवाल का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब 'आप' छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत करने की कवायद में जुटी है। एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक सफर शुरू करने वाले और आंदोलनों के दौरान 8 बार जेल जा चुके जायसवाल का यह कदम पार्टी के लिए संगठनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।