छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नाबालिग छात्र को किडनैप कर नाबालिग समेत कुछ लड़कों ने जमकर मारपीट की है। उसे अर्धनग्न कर एक युवक ने तड़ातड़ 10 मुक्के औ...
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नाबालिग छात्र को किडनैप कर नाबालिग समेत कुछ लड़कों ने जमकर मारपीट की है। उसे अर्धनग्न कर एक युवक ने तड़ातड़ 10 मुक्के और थप्पड़ मारे। जिसका वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में किसी के फोन नंबर लेने की बात कही जा रही है। लेकिन मारपीट की वजह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में ले लिया है। जिनमें 4 नाबालिग हैं। मामला अड़भार थाना क्षेत्र का है। जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाला नाबालिग छात्र शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। लगभग 12 बजे वो लोग सेजेस स्कूल के पास पहुंचे। रास्ते में चार बाइकों पर सवार 8 से 9 युवक उसे जबरन अपने साथ ले लिया। वे उसे शनि मंदिर के पीछे स्थित गौठान के पास ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने छात्र के कपड़े उतरवाकर उसके साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की। बाइक की चाबी और पैसे छीन लिए। उसके बाद बच्चे करीब 4 बजे घर पहुंचे। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। केस दर्ज, 6 लोग हिरासत में इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल ने बताया कि, शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, अधिकांश आरोपी नाबालिग हो सकते हैं। अभी तक 6 लोग हिरासत में लिए गए है। जिनमें 4 नाबालिग हैं। घटना के पीछे के कारणों और बाकी परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच जा रही है। ............................ इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए.... टीचर की पिटाई से स्टूडेंट के दोनों कान 80% डैमेज: किताब नहीं निकालने पर 4 थप्पड़ जड़े, सुनाई देना हुआ बंद, शिक्षिका अरेस्ट छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में टीचर की पिटाई के बाद 7th क्लास के स्टूडेंट की सुनने की क्षमता 70-80 प्रतिशत तक डैमेज हो गई। वह सुन नहीं पा रहा है। घटना डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल की है। पढ़ें पूरी खबर...
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।