महासमुंद पुलिस ने फर्जी एनओसी के जरिए 23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी NTPs NOC (एनटीपीएस एनओसी) के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव स्थित मकान पर छापेमारी कर 81 लाख रुपए की भारी-भरकम नकदी बरामद की है।
23,350 किलो खैर लकड़ी का अवैध परिवहन
वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर पुलिस ने 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला दर्ज किया था। आरोप है कि इस तस्करी के दौरान फर्जी एनटीपीएस एनओसी तैयार कर उसे असली दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किया गया। पिथौरा थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की और न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी।
थैले में मिलीं 500-500 के नोटों की 162 गड्डियां
पुलिस टीम ने 7 सितंबर 2026 को मुड़पार गांव स्थित मकान की तलाशी ली। मकान के केयरटेकर और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध थैला बरामद हुआ। जांच करने पर पता चला कि उस थैले में 500 रुपए के नोटों की 162 गड्डियां थीं। कुल 16,200 नोटों की इस खेप की कीमत 81 लाख रुपए आंकी गई, जिसे पुलिस ने मौके पर ही जब्त कर लिया।
कई गंभीर धाराओं में केस और कुर्की की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं, 25 आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। बरामद 81 लाख रुपए की नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए, पुलिस ने BNSS की धारा 107 के तहत कोर्ट में कुर्की का आवेदन भी पेश किया है, ताकि आरोपी को अवैध आर्थिक लाभ से वंचित किया जा सके।