इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर...
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। विश्वविद्यालय ने इसका आदेश जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि रिटायर्ड प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों की पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी पेंशन और ग्रेच्युटी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच दी गई है। 42 में से 15 लोगों को मिल रही 90% पेंशन विश्वविद्यालय के मुताबिक, हाल के समय में सेवानिवृत्त हुए 42 प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों में से 15 को 90 प्रतिशत पेंशन स्वीकृत कर भुगतान किया जा रहा है। वहीं 15 अन्य मामलों को सत्यापन के लिए स्थानीय निधि संपरीक्षा संचालनालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इनका भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। जबकि 12 अन्य मामले अभी प्रक्रिया में हैं। सेवा शर्तों में विसंगति के कारण अटके मामले प्रशासन ने बताया कि कुछ मामलों में नियुक्ति संबंधी सेवा शर्तों में विसंगतियों के कारण लेखा और ऑडिट स्तर पर आपत्तियां आई हैं। इन मामलों को राज्य शासन के पास मार्गदर्शन के लिए भेजा गया है। इस बीच प्रभावित कर्मचारियों को मानवीय आधार पर 90 प्रतिशत पेंशन अंतरिम राहत के रूप में दी जा रही है। वैज्ञानिकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव भी लंबित विश्वविद्यालय ने बताया कि वैज्ञानिकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का प्रस्ताव प्रबंध मंडल से मंजूर कर राज्य शासन को भेजा जा चुका है। इस पर शासन से मार्गदर्शन का इंतजार है।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।