छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बड़ा झटका देते हुए चुनाव याचिका खारिज करने की उनकी मांग ठुकरा दी है। अदालत ने सांसद विजय बघेल को 5 अक्टूबर को गवाही के लिए पेश होने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने सांसद विजय बघेल की ओर से पाटन विधानसभा चुनाव को लेकर दायर की गई इलेक्शन पिटिशन को खारिज करने की मांग वाला भूपेश बघेल का आवेदन रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और गवाही का रास्ता साफ हो गया है।
45 दिन की समय-सीमा का दिया था तर्क
बता दें कि सांसद विजय बघेल ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। इस याचिका को खारिज कराने के लिए भूपेश बघेल की ओर से आवेदन लगाया गया था, जिसमें तर्क दिया गया था कि निर्वाचन रद्द करने के लिए याचिका दायर करने की निर्धारित 45 दिन की समय-सीमा होती है। भूपेश बघेल के वकीलों का कहना था कि विजय बघेल ने तय समय-सीमा के बाद यह याचिका दायर की है, इसलिए इसे समय-बाधित मानते हुए खारिज किया जाना चाहिए।
5 अक्टूबर को होगी विजय बघेल की गवाही
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की लंबी दलीलें सुनने के बाद भूपेश बघेल के इस आवेदन को खारिज कर दिया। इस आदेश के बाद अब सांसद विजय बघेल की गवाही और साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने विजय बघेल को आगामी 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ी इस हाईप्रोफाइल याचिका पर सुनवाई अब तेजी से आगे बढ़ेगी।