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महादेव ऐप केस::CBI ने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल के खिलाफ नए सबूत भी पेश

2026-07-10 02:45:40 bhaskar_hindi
महादेव ऐप केस::CBI ने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, सौरभ चंद्राकर-रवि उप्पल के खिलाफ नए सबूत भी पेश

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई ने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें अशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, वि...


महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में सीबीआई ने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें अशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा शामिल हैं। इन सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही CBI ने महादेव सट्टा के किंगपिन सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी एडिशनल एविडेंस फाइल किए हैं, जिनके खिलाफ पहले चार्जशीट फाइल की गई थी। 66 आरोपियों के खिलाफ 5 चार्जशीट पेश हो चुकी इससे पहले महादेव ऐप से जुड़े एक अन्य मामले में CBI ने 66 आरोपियों के खिलाफ 5 अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और बेटिंग सिंडिकेट के कई सदस्य शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, यही लोग अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को अलग-अलग माध्यमों से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और पूरे नेटवर्क को चलाने का काम करते थे।इन मामलों में आरोपियों पर IPC और छत्तीसगढ़ गैंबलिंग प्रोहिबिशन एक्ट के तहत केस दर्ज किए गए हैं। देशभर में फैला ऑनलाइन बेटिंग का नेटवर्क सीबीआई ने बताया कि महादेव ऐप देश में पकड़े गए सबसे बड़े गैर-कानूनी बेटिंग सिंडिकेट में से एक है, जिसे भारत के बाहर से चलाया जाता है। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों यूजर्स तक पहुंचने वाला एक देशव्यापी नेटवर्क बनाया। जांच से पता चला है कि यह सिंडिकेट पूरे देश में गैर-कानूनी बेटिंग पैनल चलाता था, यूज़र्स को एनरोल करता था और गेम्स और बेटिंग मार्केट चलाता था, गैर-कानूनी प्रॉफिट कमाता था जिसे फिर म्यूल अकाउंट्स के जाल के ज़रिए लॉन्ड्र किया जाता था और आखिर में फंड विदेश में ट्रांसफर कर दिया जाता था। क्राइम से हुई कमाई का कुछ हिस्सा सरकारी कर्मचारियों को प्रोटेक्शन मनी के तौर पर दिया जाता था। मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जांच से पता चला कि महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई साथी कुछ साल पहले वेस्ट एशियन देशों में भाग गए थे और भारत के बाहर से इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि विदेश भाग चुके 4 मुख्य आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। CBI ने कहा कि इस सिंडिकेट के पूरे फैलाव के साथ-साथ इसके पॉलिटिकल और अधिकारियों के संरक्षण का पता लगाने और इसमें शामिल सभी दूसरे आरोपियों को सज़ा दिलाने के लिए आगे की जांच जारी है। इस केस में भविष्य में और चार्जशीट फाइल की जाएंगी।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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