दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक ही प्लॉ...
दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक ही प्लॉट का सौदा कई लोगों से किया, उनसे ब्याना और उधारी के नाम पर रकम ली, लेकिन न तो रजिस्ट्री कराई और न ही पैसे लौटाए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ग्राम दमोदा निवासी नोकेश देशमुख और उसकी पत्नी नेहा देशमुख हैं। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं और लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी तो नहीं की गई। सौदा तय होने के बाद भी नहीं की रजिस्ट्री कोहका की रहने वाली संतोषी नेताम ने पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्रदीप चतुर्वेदी के जरिए उनकी पहचान नोकेश देशमुख से हुई थी। नोकेश और उसकी पत्नी नेहा ने ग्राम अंजोरा स्थित प्लॉट नंबर-8 को 5.50 लाख रुपये में बेचने की बात कही थी। इस पर सौदा तय हो गया। संतोषी ने अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 5.20 लाख रुपये आरोपियों को दिए। बाद में आरोपियों ने व्यवसाय में पैसों की जरूरत बताकर 2.80 लाख रुपये और उधार मांगे। यह रकम संतोषी की मां श्यामवती जंघेल ने एनईएफटी के जरिए आरोपियों के बैंक खाते में भेजी। इस तरह आरोपियों ने कुल 8 लाख रुपये ले लिए। रकम मिलने के बाद भी नहीं करवाई रजिस्ट्री रकम मिलने के बाद भी आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। काफी समय तक टालमटोल करने पर संतोषी ने ऑनलाइन भूइयां पोर्टल पर जमीन की जानकारी निकाली। तब पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा उनसे किया गया था, उसकी रजिस्ट्री पहले ही 23 जून 2026 को थनोंद निवासी मनीषा देवांगन के नाम हो चुकी है। तीन और लोगों को बेचा यही प्लाट, सभी से लिए एडवांस पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इसी प्लॉट के नाम पर दीपक कुमार चौबे, दुर्गा शर्मा और दिनेश कुमार पांडे समेत अन्य लोगों से भी ब्याना लिया था। यानी एक ही जमीन का सौदा कई लोगों से कर लाखों रुपये वसूलने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने शिकायत और बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।