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रायपुर में अवैध कॉमर्शियल भवन पर चला बुलडोजर:बिना अनुमति हुआ था 1500 वर्गफुट में निर्माण

2026-07-09 11:44:59 bhaskar_hindi
रायपुर में अवैध कॉमर्शियल भवन पर चला बुलडोजर:बिना अनुमति हुआ था 1500 वर्गफुट में निर्माण

रायपुर नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुशालपुर रिंग रोड-1 स्थित एक व्यावसायिक भवन को तोड़ दिया। यह भवन करीब 1500 वर्ग फीट जमीन...


रायपुर नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुशालपुर रिंग रोड-1 स्थित एक व्यावसायिक भवन को तोड़ दिया। यह भवन करीब 1500 वर्ग फीट जमीन पर बिना अनुमति जी+1 (ग्राउंड प्लस वन) के रूप में बनाया गया था। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-5 नगर निवेश विभाग की टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों के मुताबिक भवन का निर्माण सुनील खंडेलवाल द्वारा बिना वैध अनुमति कराया गया था। कार्रवाई से पहले नियमानुसार निर्माणकर्ता को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद जोन-5 कमिश्नर खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता लाल महेंद्र प्रताप सिंह, नगर निवेश के उप अभियंता टिकेंद्र चंद्राकर, नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण को तोड़ा गया। पिछले हफ्ते 2 एकड़ में अवैध प्लाटिंग पर भी हुई थी कार्रवाई नगर निगम की ओर से पिछले सप्ताह भी अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। जोन-10 नगर निवेश विभाग ने वार्ड-54 के बोरियाखुर्द क्षेत्र में करीब 2 एकड़ जमीन पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर जेसीबी से बनाई गई मुरम सड़क काटकर तत्काल रोक लगा दी थी। मौके तक पहुंचने का रास्ता भी बाधित कर दिया गया था। नगर निगम ने बताया था कि अज्ञात लोगों द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग को रोकने के साथ ही संबंधित जमीन के वास्तविक मालिक की जानकारी के लिए रायपुर तहसीलदार को पत्र भेजा गया है। भूमि स्वामी की जानकारी मिलने के बाद संबंधित प्लाटिंगकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई और नामजद एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि शहर में बिना अनुमति किए जा रहे अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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