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बिलासपुर में दूषित पानी से पीलिया, 2 की मौत:4 महीने से पेयजल संकट झेल रहे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग, कलेक्टोरेट पहुंचकर किया प्रदर्शन

2026-07-09 11:48:28 bhaskar_hindi
बिलासपुर में दूषित पानी से पीलिया, 2 की मौत:4 महीने से पेयजल संकट झेल रहे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के लोग, कलेक्टोरेट पहुंचकर किया प्रदर्शन

बिलासपुर सैदा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत का आरोप लगाते हुए कॉलोनी की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन ...


बिलासपुर सैदा स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत का आरोप लगाते हुए कॉलोनी की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। करीब 250 परिवारों के 1000 से अधिक लोग पिछले चार महीनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। महिलाओं ने पानी, बिजली, सड़क और बाउंड्रीवॉल निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि कॉलोनी का बोरवेल खराब होने के बाद नया बोरवेल नहीं कराया गया है। इसके कारण लोग पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। दूषित पानी से फैल रहीं बीमारियां प्रदर्शनकारी महिलाओं के अनुसार, कॉलोनी में पेयजल और सीवरेज की पाइपलाइनें साथ-साथ बिछी हुई हैं। पाइपलाइन में लीकेज के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं। उनका दावा है कि दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी महिलाओं ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर दो से तीन दिन तक पानी नहीं मिल पाता। लगातार लो-वोल्टेज और बिजली कटौती के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क जर्जर, बाउंड्रीवॉल की मांग कॉलोनी की मुख्य सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। कई जगह सरिया बाहर निकल आया है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। महिलाओं ने कॉलोनी की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी मांग की। उनका कहना है कि कॉलोनी चारों ओर से खुली होने के कारण चोरी और असामाजिक गतिविधियों का खतरा बना रहता है। बिजली विभाग के जेई पर लगाए आरोप प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बिजली विभाग की जेई पर फोन नहीं उठाने और कार्यालय पहुंचने पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सकरी विद्युत विभाग को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उन्हें कलेक्टोरेट पहुंचना पड़ा। ज्ञापन पर दुर्गेश नंदिनी शुक्ला, रेखा मिश्रा, महेश्वरी विश्वकर्मा, सुषमा तिवारी, पूर्णिमा पांडेय, करुणा द्विवेदी, गायत्री दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने हस्ताक्षर किए।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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