औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने सोमवार को सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में करेली थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर...
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने सोमवार को सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में करेली थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने के निर्देश दिए। वहीं बैठक में देर से पहुंचे एसडीएम फूलपुर और एसडीएम बारा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कानून व्यवस्था पर विशेष जोर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जुआ अड्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और एनडीपीएस एक्ट के तहत नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज को चरस, अफीम, स्मैक और जुए जैसी गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए। ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के निर्देश मंत्री ने डीसीपी ट्रैफिक और एसीपी सिविल लाइंस को संयुक्त अभियान चलाकर शहर को जाम की समस्या से राहत दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख मार्गों और बाजारों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। मिलावटखोरों पर सख्ती, व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया। हालांकि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के नाम पर किसी भी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा राजस्व विभाग को दाखिल-खारिज के मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने, लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगभग 64 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कन्वेंशन सेंटर और ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया। अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जन शिकायतों के निस्तारण पर जोर मंत्री नंदी ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, पीडीए सचिव विनीत कुमार सिंह, डीसीपी नगर, जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनिता सिंह, एसडीएम हंडिया आकांक्षा सिंह सहित सभी अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।