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जगदलपुर में मुस्लिम युवक से शादी और धर्म बदलने पर पिता ने किया जिंदा बेटी का पिंडदान

2026-09-22 05:56:17 bhaskar_hindi
जगदलपुर में मुस्लिम युवक से शादी और धर्म बदलने पर पिता ने किया जिंदा बेटी का पिंडदान

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक पिता ने मुस्लिम युवक से लव मैरिज और धर्म परिवर्तन करने पर अपनी जिंदा बेटी का पिंडदान कर दिया है। परिवार ने बेटी से सभी संबंध तोड़ने का ऐलान करते हुए एक सार्वजनिक घोषणा पत्र भी जारी किया है।


छत्तीसगढ़: के जगदलपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां धरमपुरा क्रमांक-3 के रहने वाले सुजान दत्ता ने अपनी जिंदा बेटी का विधि-विधान से पिंडदान कर दिया है। मामला अंतरधार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) और धर्म परिवर्तन से जुड़ा हुआ है, जो अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।

मुस्लिम युवक से शादी और धर्म परिवर्तन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुजान दत्ता की बेटी सिमरन ने कुछ दिन पहले एक मुस्लिम युवक के साथ लव मैरिज की थी। परिवार का दावा है कि शादी के बाद सिमरन ने अपना धर्म भी बदल लिया। परिवार और समाज के लोगों ने उसे इस फैसले से रोकने की काफी कोशिश की थी, लेकिन सिमरन अपने फैसले पर अड़ी रही। बेटी के इस कदम से आहत होकर पिता ने उससे हमेशा के लिए रिश्ता तोड़ने का कड़ा फैसला लिया।

सिर मुंडवाकर कराया पिंडदान

बेटी के फैसले से नाराज पिता सुजान दत्ता ने घर पर पंडितों को बुलाया और अपना सिर मुंडवाकर विधि-विधान के साथ जिंदा बेटी का पिंडदान किया। पिंडदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पिता ने ऐलान किया कि अब उनका अपनी बेटी से जीवनभर के लिए कोई संबंध नहीं रहेगा। परिवार की ओर से इस संबंध में एक सार्वजनिक घोषणा पत्र भी जारी किया गया है, जिसमें बेटी से सारे रिश्ते खत्म करने की बात कही गई है। परिवार ने इस पूरे मामले को 'लव जिहाद' का रूप देते हुए आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है.

समिति के पदाधिकारी पहुंचे पीड़ित परिवार के घर

घटना की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारत बंगाली समन्वय समिति, बस्तर संभाग के अध्यक्ष जीवानंद हालदार और अन्य पदाधिकारी सुजान दत्ता के आवास पर पहुंचे। उन्होंने दुखी परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। यह मामला अब क्षेत्र में बहस का मुद्दा बन गया है, जहां एक तरफ बेटी ने अपनी मर्जी से जीवनसाथी और धर्म चुनने का अधिकार अपनाया है, तो वहीं दूसरी तरफ परिवार ने अपनी मान्यताओं के चलते कड़ा कदम उठाते हुए रिश्तों की डोर हमेशा के लिए तोड़ दी है।

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