CGPSC भर्ती घोटाले के आरोपी और पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को इलाज के दौरान मेकाहारा अस्पताल में कथित VIP ट्रीटमेंट मिलने का मामला सामने आया है। उनका बिना हथकड़ी परिजनों से बात करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले के मामले में जेल में बंद पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हाल ही में उन्हें इलाज के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लाए जाने के दौरान कथित VIP ट्रीटमेंट मिलने का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में सोनवानी बिना हथकड़ी के आराम से अपने परिजनों से बातचीत करते नजर आए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सामने आए दृश्यों के बाद न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी की सुरक्षा व्यवस्था और अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके साथ सुरक्षाकर्मी भी मौजूद हैं, लेकिन बिना हथकड़ी के परिजनों से मिलने की छूट दिए जाने से पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक अस्पताल प्रबंधन और जेल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ED ने 23 सितंबर को दाखिल की थी अभियोजन शिकायत
गौरतलब है कि इस बहुचर्चित भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 23 सितंबर को रायपुर की विशेष PMLA कोर्ट में टामन सिंह सोनवानी, पूर्व OSD चेतन बोरघरिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इस दौरान ED ने करीब 3,700 पेज के दस्तावेज और 99 पेज की समरी भी कोर्ट में पेश की है।
मेकाहारा अस्पताल में वीआईपी संस्कृति का पुराना इतिहास
मेकाहारा अस्पताल में बंदियों या आरोपियों को इस तरह की वीआईपी सुविधाएं मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी हथियार सप्लाई के एक आरोपी को इलाज के दौरान अस्पताल में खास सुविधाएं मिलने की खबर आई थी, जहां वह बेड पर आराम से मैगजीन पढ़ता और मोबाइल का इस्तेमाल करता नजर आया था। बार-बार ऐसे मामले सामने आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार न होना चिंता का विषय बना हुआ है।