छत्तीसगढ़ सरकार ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के चर्चित लोहा और स्क्रैप चोरी मामले की जांच CBI को सौंप दी है। इस मामले में अब तक 21 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कई उद्योगपति जांच के दायरे में हैं।
Mukhbeeri Special Report: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुए चर्चित कथित लोहा और स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हवाले कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की व्यापक जांच के लिए अपनी सहमति देते हुए राजपत्र में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही, CBI को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में इस मामले से जुड़े सभी अपराधों की जांच का अधिकार मिल गया है।
भिलाई नगर विधायक रिकेश सेन की शिकायत के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 21 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में स्क्रैप की चोरी, उसके अवैध परिवहन और उसे बाजार में खपाने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। अब राज्य सरकार के इस बड़े कदम के बाद कई रसूखदार उद्योगपतियों और कारोबारियों के भी CBI जांच के दायरे में आने की बात सामने आ रही है।
डिप्टी सीएम और नेताओं के तीखे बयान
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BSP जैसे महत्वपूर्ण संस्थान से जुड़ा यह विषय बेहद गंभीर है और इसकी स्पष्टता के साथ व्यापक जांच होनी चाहिए। वहीं, बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में CBI की एंट्री पर बैन लगाया गया था, लेकिन अब गलत काम करने वालों को उनकी सरकार में सख्त दंड मिलेगा।
अब आगे क्या?
राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद अब CBI इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से पड़ताल करेगी। एजेंसी स्क्रैप चोरी से लेकर उसकी खरीद-फरोख्त और इसमें संलिप्त तमाम चेहरों बेनकाब करने के लिए पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों को अपने अधिकार में लेगी। हालांकि, जांच के दायरे में होना किसी का अपराध सिद्ध नहीं करता, लेकिन CBI जांच के बाद ही सभी आरोपियों की वास्तविक भूमिका पर से पर्दा उठेगा।