भिलाई इस्पात संयंत्र से लोहा चोरी मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के एमडी और डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। विधायक रिकेश सेन ने इस मामले में पहले ही फैक्ट्री की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से लोहा चोरी के बहुचर्चित मामले में पुलिस की जांच अब चोरी का स्क्रैप खरीदने और इस्तेमाल करने वालों तक पहुंच गई है। दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड फैक्ट्री के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद कुमार गर्ग (60) और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह (39) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
चार महीने से कर रहे थे मांग: विधायक रिकेश सेन
क्षेत्रीय विधायक रिकेश सेन ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पिछले चार महीने से इस फैक्ट्री की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को खुला पत्र लिखकर मामले से जुड़े कई बिंदुओं की जानकारी दी थी। विधायक का दावा है कि बीएसपी में लंबे समय से बड़े पैमाने पर लोहा चोरी हो रही है और जांच आगे बढ़ने पर कई बड़े नाम, जनप्रतिनिधि तथा सीआईएसएफ अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, विधायक द्वारा बताए गए 10 हजार करोड़ रुपये के चोरी के आंकड़े की पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
ऐसे हुआ था चोरी का खुलासा
इस मामले की शुरुआत बीएसपी से चोरी किए गए करीब 250 टन लौह स्क्रैप की बरामदगी से हुई थी। जांच में सामने आया कि चोर फ्लू डस्ट ले जाने वाले वाहनों और मैग्नेटिक क्रेन का इस्तेमाल कर चोरी का लोहा बाहर निकालते थे। पुलिस ने इस मामले में अब तक 21 आरोपियों को जेल भेजा है और मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत अन्य की गिरफ्तारी के बाद अब कड़ियां जोड़कर आगे की जांच की जा रही है।