भिलाई नगर निगम के पेवर ब्लॉक घोटाले में भाजपा ने जांच समिति की कार्यप्रणाली पर 14 गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने बिना भौतिक सत्यापन और पंचनामा के 16.85 लाख की अनियमितता तय करने पर आपत्ति जताई है।
भिलाई: भिलाई नगर निगम में सामने आए बहुचर्चित पेवर ब्लॉक घोटाले की जांच रिपोर्ट पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त और पुलिस को ज्ञापन सौंपने के बाद, बुधवार को भाजपा ने एक प्रेसवार्ता कर जांच समिति की कार्यप्रणाली पर 14 गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जांच में कई ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं, जिनका कोई भौतिक सत्यापन ही नहीं किया गया है। ऐसे में सामने आई 16 लाख 85 हजार 457 रुपए की वित्तीय अनियमितता की राशि को अंतिम नहीं माना जा सकता है। पार्टी का आरोप है कि जांच समिति ने स्थल निरीक्षण तो किया, लेकिन मौके का पंचनामा तक तैयार नहीं किया गया, जो कि वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए एक अहम साक्ष्य होता।
जांच समिति पर उठे ये बड़े सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जवाब मांगा है:
- स्थल निरीक्षण के दौरान पंचनामा क्यों नहीं बनाया गया?
- जिन अधिकारियों की निगरानी में काम हुआ, उन्हीं से माप क्यों कराई गई?
- बिल्डिंग एसओआर में प्रावधान न होने के बावजूद 80 एमएम पेवर ब्लॉक का भुगतान किस आधार पर हुआ?
- बीएसपी क्षेत्र में करीब 22 करोड़ के काम के लिए क्या आवश्यक एनओसी ली गई थी?
- स्वीकृत स्थलों को बदलकर अन्य जगहों पर काम कराने में नियमों का पालन हुआ या नहीं?
भाजपा ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।