बिलासपुर के तोरवा थाना पुलिस ने देर रात सट्टे के एक बड़े अड्डे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरो...
बिलासपुर के तोरवा थाना पुलिस ने देर रात सट्टे के एक बड़े अड्डे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,690 रुपए नकद, 10 मोबाइल, तीन टैबलेट, सैकड़ों सट्टा रिकॉर्ड, कैलकुलेटर, प्रिंटर, पेन, दो बाइक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। पुलिस को 3 जुलाई को सूचना मिली थी कि तोरवा थाना क्षेत्र के सांईधाम कॉलोनी स्थित किशनचंद बजाज के मकान में मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अंकों का सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के भीतर चार लोग मोबाइल फोन, प्रिंटर और सट्टा पट्टियों के जरिए हार-जीत का दांव लगवाते हुए मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में सामान जब्त मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन टैबलेट, एक अतिरिक्त मोबाइल, 50,690 रुपये नकद, 40 सट्टा पट्टियां, एक कैलकुलेटर और तीन पेन बरामद किए गए। वहीं, दिनेश कुमार वाधवानी से दो मोबाइल फोन, एक कैलकुलेटर, दो पेन और 10 सट्टा पट्टियां मिलीं। भैयालाल सोनकर के पास से एक मोबाइल, एक कैलकुलेटर और दो सट्टा पट्टियां, जबकि मनोहर लाल खत्री के कब्जे से एक मोबाइल और एक सट्टा पट्टी बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक प्रिंटर, सट्टा संचालन से जुड़े दस्तावेज, स्कॉर्पियो (CG 04 PW 3311), बाइक (CG 10 KH 7430) और पैशन मोटरसाइकिल (CG 11 CD 0570) भी जब्त की। मोबाइल के जरिए चल रहा था सट्टा कारोबार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से अंकों पर हार-जीत का दांव लगवाकर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के खिलाफ पहले भी कई बार सट्टा संचालन के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह अवैध कारोबार से बाज नहीं आ रहा था। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 और 7, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।