महासमुंद सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की जिला स्तरीय बैठक में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति, एकल शिक्षकीय शालाओं में ...
महासमुंद सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की जिला स्तरीय बैठक में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति, एकल शिक्षकीय शालाओं में शिक्षकों की कमी, ऑनलाइन एंट्री (वीएसके ऐप) की तकनीकी समस्याओं और गैर-शिक्षकीय कार्यों को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया। फेडरेशन ने निर्णय लिया है कि इन ज्वलंत समस्याओं को लेकर 30 जून को जिला शिक्षा अधिकारी को अंतिम ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर की ने बताया कि मांगें पूरी न होने पर जुलाई में जिलाव्यापी ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रमुख मांग में गैर-शिक्षकीय कार्यों पर रोक, शिक्षकों से अध्यापन के अलावा अन्य विभागों के काम तुरंत बंद कराए जाएं, ताकि वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे सकें। एकल शिक्षकीय शालाओं का संकट, युक्तियुक्तकरण की विसंगतियों के कारण कई स्कूल एक शिक्षक के भरोसे हैं। फेडरेशन ने यहाँ तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों के प्रबंध की मांग की है। क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के लाभ-हानि से शिक्षकों को लिखित में अवगत कराया जाए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सिराज बक्श ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की चरमराती प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए है। सांसद-शिक्षक संवाद का भी किया जाएगा आयोजन बैठक में टीईटी की अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर महासमुंद में सांसद-शिक्षक संवाद आयोजित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसकी तिथि धमतरी और गरियाबंद के पदाधिकारियों से चर्चा के बाद तय होगी। सांसद से समय लेने की जिम्मेदारी दिनेश नायक को सौंपी गई है। बैठक में जिले भर से भारी संख्या में ब्लॉक अध्यक्ष और शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।
इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
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