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पानी भरे गड्ढे में डूबने से 3 बच्चों की मौत:रेलवे में नया ट्रैक और सुरंग बनाने डोंगरगढ़ में की गई थी खुदाई,

2026-07-17 11:04:45 bhaskar_hindi
पानी भरे गड्ढे में डूबने से 3 बच्चों की मौत:रेलवे में नया ट्रैक और सुरंग बनाने डोंगरगढ़ में की गई थी खुदाई,

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में बुधवार शाम नहाने के दौरान 3 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। तीनों बच्चे बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे...


छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में बुधवार शाम नहाने के दौरान 3 बच्चों की डूबने से मौत हो गई। तीनों बच्चे बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में समा गए। ठेकेदार ने रेलवे निर्माण कार्य के लिए खुदाई कर मिट्टी निकाला था। खुदाई के बाद गहरा गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था, जो बारिश में पानी से भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि, शिक्षकों की हड़ताल के कारण बच्चों को स्कूल लाने और छोड़ने की नियमित व्यवस्था नहीं थी। उनका कहना है कि सामान्य दिनों में शिक्षक ही बच्चों को घर से स्कूल लेकर आते और वापस छोड़ते थे। घटना बोरतालाव थाना इलाके के आश्रित ग्राम गांधीनगर की है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, गांधीनगर निवासी सार्थक कोकोटे, कृष मण्डावी (08) और दानेश मण्डावी (06) बुधवार शाम घर के पास खेलते-खेलते लापता हो गए। काफी तलाश के बाद ग्रामीणों ने पानी से भरे गड्ढे से तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डोंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। रेलवे निर्माण के बाद बना था गहरा गड्ढा ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने मिट्टी निकालने के बाद गहरा गड्ढा छोड़ दिया था। बारिश के बाद उसमें पानी भर गया और वह बाहर से सामान्य तालाब जैसा दिखाई देने लगा। आशंका है कि बच्चे खेलते-खेलते उसमें उतर गए और गहराई का अंदाजा नहीं लगने से डूब गए। सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि खुदाई की गई थी तो वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या अन्य सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए थे। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस-प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। हड़ताल का भी किया जा रहा जिक्र ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों की हड़ताल के कारण बुधवार को बच्चों के स्कूल आने-जाने की नियमित व्यवस्था प्रभावित थी। हालांकि, इस हादसे का हड़ताल से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद होगी कार्रवाई प्रशासन का कहना है कि हादसे के हर पहलू की जांच की जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तीन मासूम बच्चों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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