LIVE Sat, 18 Jul 2026 --°C
Politics

राज्यसभा उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी से मिले CA रवि ग्वालानी:नकटी गांव के विस्थापितों का मुद्दा उठाया; समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा

2026-07-17 11:07:07 bhaskar_hindi
राज्यसभा उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी से मिले CA रवि ग्वालानी:नकटी गांव के विस्थापितों का मुद्दा उठाया; समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट सीए रवि ग्वालानी ने नई दिल्ली स्थित आवास पर राज्यसभा में उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी से मुलाकात की और उनका ह...


प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट सीए रवि ग्वालानी ने नई दिल्ली स्थित आवास पर राज्यसभा में उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। कुछ दिन पहले प्रमोद तिवारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें नई दिल्ली के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ और अब वे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए की थी विशेष पूजा रवि ग्वालानी ने बताया कि प्रमोद तिवारी के बीमार होने की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चिंता थी। उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की थी। नकटी गांव के विस्थापितों का मुद्दा उठाया मुलाकात के दौरान रवि ग्वालानी ने छत्तीसगढ़ के नकटी गांव के विस्थापितों के उचित पुनर्वास का मुद्दा भी प्रमोद तिवारी के सामने रखा। इस विषय पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। रवि ग्वालानी ने बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र में रहूंगा मौजूद' : प्रमोद तिवारी प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनका स्वास्थ्य तेजी से बेहतर हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि वे मानसून सत्र में पूरी तरह शामिल होंगे और जनहित से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाएंगे। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संसद की कार्यवाही और जनहित से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

Related