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पहली बारिश में धंसा 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज:राजनांदगांव में सड़क में दरारें, डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री को जांच के लिए लिखा पत्र

2026-07-11 06:05:27 bhaskar_hindi
पहली बारिश में धंसा 26 करोड़ का रेलवे ओवरब्रिज:राजनांदगांव में सड़क में दरारें, डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री को जांच के लिए लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत बने करीब 26 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद गंभीर निर्...


छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत बने करीब 26 करोड़ रुपये के रेलवे ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद गंभीर निर्माण खामियां सामने आई हैं। जून में लोकार्पण के कुछ दिन बाद जुलाई की पहली बारिश में ओवरब्रिज की सड़क धंस गई और उसमें गहरी दरारें पड़ गईं। मामले को गंभीर मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल डोंगरगढ़-राजनंदगांव रेलखंड पर बने इस ओवरब्रिज में 4 और 5 जुलाई की भारी बारिश के बाद 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें पड़ गईं। सड़क का हिस्सा धंसने से ओवरब्रिज दो भागों में बंटा नजर आया। मुरुम की जगह मिट्टी इस्तेमाल करने का आरोप जानकारी के अनुसार, टेंडर की शर्तों में ब्रिज के बेस में अच्छी गुणवत्ता की मुरुम भरने का प्रावधान था, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने उसकी जगह साधारण मिट्टी का इस्तेमाल किया। बारिश के बाद मिट्टी बैठने से सड़क धंस गई। गुणवत्ता जांच पर भी उठे सवाल रेलवे के नियमों के अनुसार निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच अनिवार्य होती है। आरोप है कि बिना पर्याप्त परीक्षण के ही अधिकारियों ने निर्माण को मंजूरी देकर ओवरब्रिज को यातायात के लिए खोल दिया। सीमेंट भरकर की गई मरम्मत, भारी वाहन अब भी गुजर रहे प्रशासन ने दरारों को सीमेंट से भरकर अस्थायी मरम्मत की है, लेकिन ओवरब्रिज से भारी वाहनों की आवाजाही जारी है। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। रेल मंत्री से की ये प्रमुख मांगें डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। निर्माण एजेंसी, ठेकेदार, कंसल्टेंट और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए। ओवरब्रिज का तत्काल तकनीकी सुरक्षा परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए। रेलवे का पक्ष नागपुर मंडल (दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे) के डीआरएम दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि तकनीकी टीम निर्माण कार्य और उपयोग की गई सामग्री की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी कमियां सामने आएंगी, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।

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