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छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर:अजय यादव को राजनादगांव रेंज की कमान, बालाजी-प्रशांत की मुख्यालय वापसी; मयंक गुर्जर सुकमा SP

2026-07-11 06:03:38 bhaskar_hindi
छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर:अजय यादव को राजनादगांव रेंज की कमान, बालाजी-प्रशांत की मुख्यालय वापसी; मयंक गुर्जर सुकमा SP

छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। गृह (पुलिस)...


छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत एक आईजी रेंज, कई डीआईजी, एआईजी और 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) की नई पदस्थापना की गई है। लंबे समय बाद हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव को कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राजनांदगांव रेंज आईजी बने अजय यादव तबादला सूची में सबसे अहम बदलाव अजय कुमार यादव का है। उन्हें नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी के निदेशक पद से हटाकर राजनांदगांव रेंज का पुलिस महानिरीक्षक (IG) बनाया गया है। वहीं राजनांदगांव रेंज के तत्कालीन आईजी बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर भेजा गया है। बस्तर आईजी प्रशांत कुमार अग्रवाल की भी पुलिस मुख्यालय में पदस्थापना की गई है। उमेश प्रसाद गुप्ता बीजापुर एसपी जिलों में भी बड़े पैमाने पर एसपी बदले गए हैं। चंद्रमोहन सिंह को दंतेवाड़ा, हरीश राठौर को कोरिया, भावना पांडेय को धमतरी, राय गौरव रामप्रवेश को बलौदाबाजार-भाटापारा, उमेश प्रसाद गुप्ता को बीजापुर और मयंक गुर्जर को सुकमा जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा संदीप कुमार पटेल को नारायणपुर, चव्हाण किरण गंगाराम को बालोद, योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर, जितेंद्र कुमार यादव को कबीरधाम और सुनील शर्मा को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देखे आदेश की कॉपी...

इस घटना के विषय में स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक उद्देश्य शांति बनाए रखना और प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है।

इसके साथ ही, विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के दीर्घकालिक सामाजिक और राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं और प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्यवाही की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

इस पूरे मामले पर हमारी विशेष रिपोर्ट टीम लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नया अपडेट या आधिकारिक बयान जारी होगा, हम उसे तुरंत आप तक पहुंचाएंगे। ताजातरीन और निष्पक्ष खबरों के लिए हमारे पोर्टल से जुड़े रहें।