Category

Business

100 articles
ATM से नकदी नहीं निकली, लेकिन खाते से पैसे कट गए? घबराएं नहीं, 5 दिनों में रिफंड न मिलने पर बैंक देगा ₹100 प्रतिदिन का हर्जाना
2026-10-12 17:26
ATM से नकदी नहीं निकली, लेकिन खाते से पैसे कट गए? घबराएं नहीं, 5 दिनों में रिफंड न मिलने पर बैंक देगा ₹100 प्रतिदिन का हर्जाना
डिजिटल दौर में भी आपातकालीन जरूरतों के लिए एटीएम (ATM) से नकद निकासी जीवन का अहम हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है कि आप एटीएम मशीन में कार्ड स्वाइप करते हैं, पिन दर्ज करते हैं, मशीन से नोट गिनने की आवाज आती है, लेकिन स्क्रीन पर 'ट्रांजैक्शन फेल्ड' (Transaction Failed) या 'टाइम आउट' का मैसेज आ जाता है। कुछ ही सेकंडों में मोबाइल पर एसएमएस आ जाता है कि आपके खाते से पैसे कट गए हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी ग्राहक का घबरा जाना स्वाभाविक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद कड़े दिशानिर्देश तय कर रखे हैं? यदि तय समय सीमा के भीतर बैंक आपके कटे हुए पैसे वापस नहीं लौटाता है, तो बैंक को अपनी जेब से प्रतिदिन ₹100 का जुर्माना (Compensation) ग्राहक को देना पड़ता है। क्या है RBI का 'T+5 दिन' का अनिवार्य ऑटो-रिवर्सल नियम? रिजर्व बैंक के सर्कुलर के अनुसार, एटीएम में लेन-देन विफल होने पर स्वतः समाधान (Harmonisation of Turn Around Time - TAT) की स्पष्ट समयसीमा तय है: T+5 कार्यदिवस का नियम: यहां 'T' का अर्थ ट्रांजैक्शन की तारीख (Date of Transaction) है। जिस दिन आपका लेनदेन फेल हुआ, उस दिन से अगले 5 बैंकिंग कार्यदिवसों (Business Days) के भीतर बैंक को विफल लेनदेन की राशि ग्राहक के खाते में स्वतः रिवर्स (Credit) करनी होती है। ₹100 प्रतिदिन का मुआवजा: यदि बैंक निर्धारित T+5 कार्यदिवसों के भीतर पैसा वापस करने में विफल रहता है, तो 6वें दिन से जब तक पैसा खाते में क्रेडिट नहीं होता, तब तक बैंक को बिना किसी अनुरोध के स्वतः ₹100 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से मुआवजा ग्राहक के खाते में जमा कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। चाहे किसी भी बैंक का हो एटीएम: यह नियम सभी प्रकार के एटीएम पर समान रूप से लागू होता है—चाहे आपने अपने मूल बैंक (Home Bank) के एटीएम का इस्तेमाल किया हो या किसी अन्य बैंक (White Label/Third Party ATM) के एटीएम से निकासी की कोशिश की हो। मुआवजे का भुगतान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी आपके खाताधारक बैंक (Issuer Bank) की होती है। एटीएम पर ट्रांजैक्शन फेल होते ही तुरंत क्या करें: 4 जरूरी कदम यदि आपके साथ ऐसा हादसा होता है, तो घबराने या मशीन पर दोबारा बार-बार पिन डालने के बजाय निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं: ट्रांजैक्शन स्लिप सुरक्षित रखें: यदि मशीन से पर्ची निकली है, तो उसे फेंकें नहीं। उस पर ट्रांजैक्शन आईडी (Txn ID), एटीएम आईडी, तारीख और समय का सटीक ब्योरा होता है। यदि पर्ची नहीं निकली, तो मोबाइल पर आए बैंक एसएमएस का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। कुछ मिनट मशीन के पास रुकें: कभी-कभी नेटवर्क धीमा होने के कारण 1-2 मिनट बाद मशीन नकदी उगल देती है। सुनिश्चित करें कि स्क्रीन पर 'वेलकम' या 'ट्रांजैक्शन कैंसिल्ड' आ जाए। कस्टमर केयर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं: अपने बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें और घटना का ब्योरा देकर शिकायत दर्ज कराएं। कॉल पर मिलने वाला 'शिकायत निवारण नंबर' (Ticket/Complaint Reference Number) डायरी में नोट कर लें। नेट बैंकिंग या बैंक ऐप से ऑनलाइन शिकायत: बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग पोर्टल में 'Dispute Transaction' या 'Report Failed ATM Withdrawal' विकल्प चुनकर सीधे क्लेम दर्ज करें। 5 दिन बीतने के बाद भी रिफंड न मिले तो कहां करें शिकायत? यदि 5 कार्यदिवस बीतने के बाद भी आपके पैसे वापस नहीं आते हैं और बैंक मुआवजा देने में आनाकानी करता है, तो आप चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर सकते हैं: बैंक के प्रिंसिपल नोडल अधिकारी को लिखें: सबसे पहले अपनी शिकायत को अपने बैंक के जोनल या मुख्य नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) के पास ऑनलाइन एस्केलेट करें। आरबीआई के एकीकृत लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क: यदि शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है या संतोषजनक उत्तर नहीं देता है, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आरबीआई लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद बैंक को मूल राशि के साथ-साथ देरी के प्रत्येक दिन का ₹100 हर्जाना भी ब्याज सहित चुकाना पड़ता है। आरबीआई के इस पारदर्शी नियम के चलते अब बैंकों के लिए तकनीकी खामियों की आड़ में ग्राहकों का पैसा अटकाए रखना नामुमकिन हो गया है। सजग रहें, अपने अधिकारों को जानें और ऐसी स्थिति आने पर पैनिक होने के बजाय निर्धारित बैंकिंग नियमों के तहत अपना पूरा रिफंड और मुआवजा हासिल करें।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक महाविस्फोट: यीडा क्षेत्र में लगेंगी 25 नई इकाइयां
2026-10-12 16:57
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास औद्योगिक महाविस्फोट: यीडा क्षेत्र में लगेंगी 25 नई इकाइयां
उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश को नई गति प्रदान की है। यीडा द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय भूखंड आवंटन समिति की समीक्षा बैठक के बाद विभिन्न सेक्टरों में 25 बड़े राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों को जमीन का आवंटन स्वीकृत कर दिया गया है। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र में कुल 3,155.67 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश धरातल पर उतरेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन नई औद्योगिक इकाइयों के पूरी तरह चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय युवाओं के लिए 9,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार (Direct & Indirect Jobs) के नए अवसर पैदा होंगे। जेवर एयरपोर्ट के आगामी कॉमर्शियल ऑपरेशन से ठीक पहले यह आवंटन यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को देश का सबसे आधुनिक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है। किन सेक्टरों में होगा निवेश: डेटा सेंटर, ईवी कंपोनेंट्स और सेमीकंडक्टर का जलवा प्राधिकरण द्वारा जिन 25 कंपनियों को भूखंड दिए गए हैं, वे उच्च तकनीक और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। मुख्य रूप से सेक्टर 28, 29, 32 और 33 में इन इकाइयों की स्थापना की जाएगी: डेटा सेंटर और आईटी हार्डवेयर: डिजिटल इंडिया और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए दो प्रमुख टेक्नोलॉजी फर्म्स लगभग ₹1,200 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक ग्रीन डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने जा रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरी कंपोनेंट्स: प्रदूषण-मुक्त वाहनों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए ईवी चार्जर निर्माण, लिथियम-आयन बैटरी पैक असेंबली और मोटर कंट्रोल यूनिट बनाने वाली इकाइयों को प्राथमिकता दी गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर सपोर्ट इंडस्ट्री: सेमीकंडक्टर चिप पैकेजिंग, डिस्प्ले यूनिट्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) और मोबाइल कंपोनेंट्स बनाने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को बड़े भूखंड आवंटित किए गए हैं। पैकेजिंग, फार्मा और प्रिसिजन इंजीनियरिंग: आधुनिक मेडिकल डिवाइसेज और वैश्विक निर्यात-उन्मुख ऑटोमोबाइल पुर्जे तैयार करने वाली फैक्ट्रियों के लिए भी स्थान निर्धारित किया गया है। जेवर एयरपोर्ट और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी बनी निवेशकों की पहली पसंद कंपनियों द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को चुने जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां का विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति है: एयरपोर्ट से जीरो-डिस्टेंस लॉजिस्टिक्स: जेवर एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल से सीधे जुड़ने के कारण कंपनियों को वैश्विक बाजारों में अपने उत्पाद चंद घंटों के भीतर निर्यात करने की सुविधा मिलेगी। मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क: ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक, यमुना एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित रैपिड रेल (RRTS) व पॉड टैक्सी कॉरिडोर ने इस पूरे इलाके को दिल्ली-एनसीआर के किसी भी कोने से मात्र 40 से 60 मिनट की दूरी पर ला खड़ा किया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC): पास ही स्थित दादरी और बोड़ाकी मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के जरिए मालगाड़ियों से बंदरगाहों तक कच्चा माल और तैयार उत्पाद पहुंचाना बेहद सस्ता और सुगम हो गया है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और सख्त निर्माण समयसीमा यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल जमीन घेरकर बैठने की पुरानी कार्यप्रणाली को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है: स्थानीय रोजगार नियम: कंपनियों के साथ हुए समझौते के तहत स्थानीय कुशल, अर्ध-कुशल और डिप्लोमा धारक युवाओं को तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर रोजगार में वरीयता देनी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा संबल मिलेगा। समयबद्ध निर्माण की गारंटी: सभी 25 कंपनियों को लीज डीड निष्पादित होने के 24 से 36 महीनों के भीतर अपनी फैक्ट्री का निर्माण पूरा कर उत्पादन शुरू करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में काम शुरू न करने पर भारी पेनाल्टी लगाने और आवंटन निरस्त करने का प्रावधान किया गया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस 'निवेश मित्र': कंपनियों को प्रदूषण नियंत्रण, अग्निशमन, बिजली और जल आपूर्ति से जुड़े सभी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि लालफीताशाही के कारण कोई प्रोजेक्ट न लटके। उत्तर प्रदेश बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का नया पावरहाउस जेवर एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द आकार ले रहा यह मेगा इंडस्ट्रियल हब केवल गौतमबुद्ध नगर तक सीमित न रहकर बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा तक के पूरे आर्थिक गलियारे को नई ऊर्जा दे रहा है। रियल एस्टेट और उद्योग जगत के विश्लेषकों का मानना है कि जैसे ही जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों का नियमित सिलसिला शुरू होगा, यह क्षेत्र गुरुग्राम और बेंगलुरु की तर्ज पर भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट और मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में स्थापित हो जाएगा। 25 नई कंपनियों का यह 3,155 करोड़ रुपये का ताजा निवेश इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि वैश्विक मंदी और अनिश्चितता के दौर में भी अंतरराष्ट्रीय व घरेलू निवेशकों का अटूट भरोसा उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) पर लगातार मजबूत हो रहा है।
स्टूडेंट्स ने स्टार्टअप मेले में दिखाया इनोवेशन:रोबोटिक्स, फूड और डिजिटल तकनीक के पेश किए बिजनेस आइडिया
2026-10-12 16:40
स्टूडेंट्स ने स्टार्टअप मेले में दिखाया इनोवेशन:रोबोटिक्स, फूड और डिजिटल तकनीक के पेश किए बिजनेस आइडिया
जयपुर में विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से कुंदनपुरा स्थित गोल्डन ऐरा एकेडमी में स्टार्टअप बिजनेस आइडिया मेले का आयोजन किया गया। मेले में करीब 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कागज से उपयोगी उत्पाद बनाने, डिजिटल तकनीक, रोबोटिक्स और फूड बिजनेस से जुड़े अपने आइडिया प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और नवाचार को देखकर अभिभावकों ने उनके प्रयासों की सराहना की। एकेडमी की प्रधानाध्यापिका पवनदीप कंग ने बताया कि आज के समय में विद्यार्थियों का ध्यान अधिकतर किताबी पढ़ाई पर केंद्रित रहता है। ऐसे में इस मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान, रचनात्मक सोच और बिजनेस की बारीकियों से परिचित कराना है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों को अपने विचारों को प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत करने और भविष्य में उद्यमिता की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलता है। कागज से उपयोगी उत्पाद बनाने का आइडिया मेले में ‘कागज कहानियां’ स्टार्टअप के माध्यम से विद्यार्थियों ने बेकार कागज और क्राफ्टिंग पेपर का इस्तेमाल कर सुंदर एवं रचनात्मक उत्पाद बनाने का विचार प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य कागज की बर्बादी कम करना और लोगों तक पर्यावरण के अनुकूल हस्तनिर्मित उत्पाद पहुंचाना है। डिजिटल तकनीक से आसान समाधान डिजिटल तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों ने रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान तकनीक के माध्यम से खोजने का आइडिया पेश किया। सॉफ्टवेयर की मदद से लोगों का समय बचाने और काम को अधिक सुविधाजनक बनाने की संभावनाएं बताई गईं। इस प्रोजेक्ट के जरिए विद्यार्थियों ने डिजिटल बिजनेस और इनोवेशन के महत्व को प्रदर्शित किया। हार्डवेयर और रोबोटिक्स में दिखाई प्रतिभा हार्डवेयर एवं रोबोटिक्स स्टार्टअप के तहत विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की मदद से समाधान तैयार करने का प्रयास किया। इसका उद्देश्य तकनीक को वास्तविक जीवन की समस्याओं से जोड़ना था। इस प्रोजेक्ट में बच्चों की इंजीनियरिंग स्किल्स, प्रैक्टिकल सोच और तकनीकी समझ देखने को मिली। फूड बिजनेस में गुणवत्ता और ग्राहकों की पसंद पर फोकस मेले में फूड एवं स्नैक्स से जुड़े स्टार्टअप आइडिया भी प्रस्तुत किए गए। विद्यार्थियों ने स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ ग्राहकों की पसंद, उत्पाद की गुणवत्ता, मार्केटिंग और ग्राहक संतुष्टि को ध्यान में रखकर अपने बिजनेस आइडिया तैयार किए। अभिभावकों ने की विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना मेले में पहुंचे अभिभावकों ने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और उनके प्रयासों की सराहना की। बच्चों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट के उद्देश्य और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। प्रधानाध्यापिका श्रीमती पवनदीप कंग ने मेले में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वेदांता एल्युमिनियम पर खरीदारी की राय, ₹550 का लक्ष्य
2026-10-12 16:02
वेदांता एल्युमिनियम पर खरीदारी की राय, ₹550 का लक्ष्य
Business : अनिल अग्रवाल के समूह से जुड़ी वेदांता एल्युमिनियम को लेकर प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों का रुख सकारात्मक है। नुवामा, एमके ग्लोबल और सीएलएसए जैसी फर्में कंपनी की कमाई की संभावनाओं, उत्पादन लागत में...
IIM लखनऊ ने लाॅन्च किया MBA का नया कोर्स, एडमिशन के लिए रख दी ये बड़ी शर्त, देखें डिटेल
2026-10-12 15:27
IIM लखनऊ ने लाॅन्च किया MBA का नया कोर्स, एडमिशन के लिए रख दी ये बड़ी शर्त, देखें डिटेल
IIM Lucknow New MBA Course: आईआईएम लखनऊ ने 2 साल का नया एमबीए कोर्स लाॅन्च किया है। यह कोर्स बिजनेस मालिकों और अगली पीढ़ी के लीडर्स के लिए डिजाइन किया गया है। एडमिशन के लिए संस्थान ने एक बड़ी शर्त रखी है। यहां इस कोर्स की पूरी डिटेल दी जा रही है।
AI में करियर बनाना है? IIT Kharagpur के 7 ऑनलाइन कोर्स में सीखें Generative AI, Machine Learning और Data Science
2026-10-12 14:48
AI में करियर बनाना है? IIT Kharagpur के 7 ऑनलाइन कोर्स में सीखें Generative AI, Machine Learning और Data Science
इस कोर्स में Data Science, Predictive Analytics, Business Analytics, Generative AI और Agentic AI पर फोकस किया गया है.
सारा तेंदुलकर की कमाई, जानें कहां से आता है पैसा
2026-10-12 14:35
सारा तेंदुलकर की कमाई, जानें कहां से आता है पैसा
Business : क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर अपने जन्मदिन पर चर्चा में हैं। 12 अक्टूबर के इस खास मौके पर उनके जीवन और करियर के साथ कमाई के स्रोतों को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी है। ...
Airtel का पोस्टपेड प्लान बदला
2026-10-12 13:59
Airtel का पोस्टपेड प्लान बदला
Tarun Mitra Hindi News Portal brings you breaking news, latest Hindi news, politics, business, sports, entertainment, technology, lifestyle, state news, web stories, and ePaper updates from India and around the world.
सरकारी ई-टेंडरिंग में खामियों की पहचान से अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, जानिए जितेंद्र कोहली का सफर
2026-10-12 13:07
सरकारी ई-टेंडरिंग में खामियों की पहचान से अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, जानिए जितेंद्र कोहली का सफर
आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई और आईटी क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद जितेंद्र कोहली ने सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट की सुरक्षा और पारदर्शिता पर काम शुरू किया। उनके अध्ययन का दायरा भारत की सतर्कता संस्थाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद सम्मेलन और डिजिटल प्रणालियों के स्वतंत्र ऑडिट तक पहुंचा।
जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन? गृह मंत्रालय ने किया डिनोटिफाई, आंदोलन के लिए तय हुईं 3 जगहें
2026-10-12 12:40
जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे धरना-प्रदर्शन? गृह मंत्रालय ने किया डिनोटिफाई, आंदोलन के लिए तय हुईं 3 जगहें
नई दिल्ली गृह मंत्रालय ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है जिसमें जंतर-मंतर को अब सार्वजनिक...