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2026-10-11 11:15
अक्टूबर में IPO बाजार में बहार: जियो प्लेटफॉर्म्स समेत 12 बड़ी कंपनियां बाजार से जुटाएंगी पूंजी
Jio IPO: अक्टूबर में जियो प्लेटफॉर्म्स और अवाडा इलेक्ट्रो सहित करीब एक दर्जन कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारी में हैं, जिनसे निवेशकों को प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए निवेश अवसर मिलेंगे।
2026-10-11 09:44
पढ़ाई भी, कमाई भी! स्टूडेंट्स के लिए जानें पार्ट-टाइम जॉब के विकल्प
Part Time Job Tips: जॉब मार्केट में बढ़ रहे कॉम्पिटिशन को देखते हुए स्टूडेंट्स कॉलेज में ही जॉब ऑरिएंटेड स्किल्स पर फोकस करने लगे हैं. ऐसे में पढ़ाई के साथ पार्ट टॉइम जॉब कैसे करना है ये जानना बहुत जरूरी है. यहां कुछ स्पेशल स्किल्स के साथ साथ जॉब ऑप्शन के बारे में भी जानेंगे. The post पढ़ाई भी, कमाई भी! स्टूडेंट्स के लिए जानें पार्ट-टाइम जॉब के विकल्प appeared first on Prabhat Khabar.
2026-10-11 09:43
शेयर बाजार पर Wipro, HCL Tech के नतीजों और Brent Crude का दिखेगा असर
इस सप्ताह स्थानीय शेयर बाजार की दिशा विप्रो और एचसीएल टेक जैसी प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों, मुद्रास्फीति के आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और कच्चे तेल की चाल से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा निवेशकों की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों, रुपये की चाल, अमेरिकी बॉण्ड प्रतिफल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर भी रहेगी। शोध विश्लेषक फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘इस सप्ताह घरेलू मोर्चे पर पहले सितंबर माह के लिए खुदरा (सीपीआई) मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर नजर रहेगी। यदि आंकड़े उम्मीद से अधिक ऊंचे रहते हैं, तो इससे रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में और सख्ती की चिंताएं दोबारा उभर सकती हैं। इससे बैंकिंग, वाहन और रियल एस्टेट जैसे ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों पर दबाव पड़ सकता है। साथ ही उपभोक्ता मांग में व्यापक गिरावट का जोखिम भी बढ़ सकता है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘नरम आंकड़े ब्याज दरों के तेजी से बढ़ने संबंधी चिंताओं को कम कर सकते हैं, लेकिन यदि कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है तो ऐसी कोई भी राहत अल्पकालिक साबित हो सकती है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े यह स्पष्ट संकेत देंगे कि बढ़ी हुई ऊर्जा और लॉजिस्टिक लागत का असर उत्पादक कीमतों पर किस हद तक पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आईटी क्षेत्र पर विशेष नजर रहेगी क्योंकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो और टेक महिंद्रा अपने सितंबर तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी। इस सप्ताह अन्य प्रमुख नतीजों में बीएचईएल, केनरा बैंक, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी और नेस्ले के परिणाम शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है, क्योंकि बाजार बेहतर होती घरेलू आय के रुझान और बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली धारणा को प्रभावित कर रही है। ’’ उन्होंने कहा कि लगातार आठ सप्ताह की गिरावट के बाद पिछले सप्ताह निफ्टी-50 में 0.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो निचले स्तर पर कुछ स्थिरता का संकेत देती है। पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 562.63 अंक या 0.78 प्रतिशत चढ़ा था, जबकि एनएसई का निफ्टी 98.5 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ था। ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘सितंबर तिमाही के नतीजे आने साथ ही कंपनियों के वित्तीय परिणाम स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन को तेजी से प्रभावित करेंगे। टीसीएस के नतीजों ने आईटी शेयरों में सुधार को गति दी, जिससे शुक्रवार को व्यापक सूचकांकों को समर्थन मिला।
2026-10-11 05:26
India Mobile Congress 2026 में क्या रहा खास और 2027 में युवाओं और स्टार्टअप के लिए क्या होंगे अवसर?
India Mobile Congress 2026 में AI, 5G, 6G, रोबोटिक्स और स्वदेशी टेक्नोलॉजी से जुड़ी कई उपलब्धियां सामने आईं. रोबोटिक्स प्रतियोगिता के विजेताओं से लेकर भारतीय टेक कंपनियों को मिले पुरस्कार और 5G Innovation Hackathon तक, जानें IMC 2026 की 5 बड़ी उपलब्धियां और 2027 में युवाओं व स्टार्टअप के लिए संभावित अवसर. The post India Mobile Congress 2026 में क्या रहा खास और 2027 में युवाओं और स्टार्टअप के लिए क्या होंगे अवसर? appeared first on Prabhat Khabar.
2026-10-10 19:00
एयरोस्पेस और विमानन जगत की सबसे बड़ी रणनीतिक महाडील
वैश्विक विमानन और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है, जिसने दुनिया भर के बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विमान निर्माण के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में पहचानी जाने वाली ब्राजील की बहुराष्ट्रीय दिग्गज कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) ने एक बहुत बड़े निवेश की घोषणा की है। इस रणनीतिक समझौते के तहत एम्ब्रेयर कंपनी नोवावायु (Novavayu) की कुल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी लगभग 5,100 करोड़ रुपये (लगभग 600 मिलियन डॉलर) में अधिग्रहित करने जा रही है। इस मेगा डील के बाद से वैश्विक एविएशन सेक्टर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और कॉरपोरेट गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा आने वाले समय में एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला, अत्याधुनिक विमान तकनीक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख देगा। नोवावायु की हिस्सेदारी खरीदने के पीछे एम्ब्रेयर का बड़ा व्यावसायिक और भू-राजनीतिक उद्देश्य ब्राजीलियाई कंपनी एम्ब्रेयर पिछले कई वर्षों से अपने वैश्विक पदचिह्नों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। नोवावायु के साथ हुई इस 5,100 करोड़ की महाडील के जरिए कंपनी का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए बाजारों में अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करना है। आधुनिक विमानन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीकी नवाचारों (Tech Innovations) की मांग को पूरा करने के लिए वित्तीय और रणनीतिक मजबूती बेहद जरूरी हो गई है। एम्ब्रेयर के वरिष्ठ प्रबंधन का मानना है कि यह साझेदारी न केवल उनके कमर्शियल एयरक्राफ्ट और डिफेंस ट्रांसपोर्ट विमानों के निर्माण और बिक्री को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनके ग्राहकों को अधिक उन्नत और किफायती विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। इस सौदे से दोनों कंपनियों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे। वैश्विक विमानन बाजार और सप्लाई चेन पर इस मेगा डील का असर आधुनिक एयरोस्पेस उद्योग में पिछले कुछ समय से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जुड़ी कई चुनौतियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में एम्ब्रेयर द्वारा नोवावायु की बहुसंख्यक (51%) हिस्सेदारी का अधिग्रहण करना इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है। विमान के कलपुर्जे बनाने, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग (MRO) के क्षेत्र में यह डील एक बड़ा बदलाव लाने का माद्दा रखती है। एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने बेड़े के विस्तार और विमानों के रखरखाव के लिए अधिक भरोसेमंद और मजबूत विकल्प मिल सकेंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस निवेश के बाद न केवल उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) और ऊर्जा-कुशल विमानों के विकास में भी तेजी आएगी, जिससे पूरी एविएशन इंडस्ट्री को सीधा लाभ पहुंचेगा। भारत और दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए इसके कूटनीतिक और व्यावसायिक मायने इस पूरी महाडील का असर केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और दक्षिण एशिया जैसे तेजी से बढ़ते हुए विमानन बाजारों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत में सिविल एविएशन सेक्टर रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहा है और एयरलाइंस कंपनियां लगातार नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं। ऐसे में एम्ब्रेयर जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनी का यह बड़ा निवेश भविष्य में भारत के रक्षा और क्षेत्रीय विमान निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए नए रास्ते खोल सकता है। 'मेक इन इंडिया' और घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में इस तरह के वैश्विक सहयोग आने वाले समय में तकनीक के हस्तांतरण और स्थानीय उद्योगों के विकास में मददगार साबित हो सकते हैं। भारतीय बाजार में क्षेत्रीय उड़ानों (Regional Connectivity) के लिए छोटे और मध्यम आकार के विमानों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे यह डील और अधिक बल दे सकती है। भविष्य की राह और आगामी कॉरपोरेट प्रक्रियाओं का रोडमैप इस 5,100 करोड़ रुपये के बड़े अधिग्रहण समझौते की घोषणा के बाद अब दोनों कंपनियों के बोर्ड और संबंधित विनियामक प्राधिकरणों (Regulatory Authorities) की तरफ से जरूरी मंजूरियां ली जा रही हैं। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस संयुक्त उपक्रम के आधिकारिक तौर पर धरातल पर उतरने की उम्मीद है। निवेशकों और शेयर बाजार के जानकारों ने इस डील को लेकर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है क्योंकि इससे दोनों कंपनियों की बाजार में स्थिति मजबूत होगी। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि एम्ब्रेयर इस रणनीतिक बढ़त का उपयोग करके वैश्विक विमान बाजार में बोइंग और एयरबस जैसी दिग्गज कंपनियों को किस तरह की टक्कर देती है और नई तकनीकों के मोर्चे पर क्या क्रांतिकारी बदलाव लेकर आती है।
2026-10-10 15:16
लखनऊ में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, छात्रों ने दिखाए 146 मॉडल:कचरे से बिजली-हाइड्रोपोनिक खेती के मॉडल बनाए, नवाचार क्षमता का प्रदर्शन
लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित कुम्हरावां इंटर कॉलेज में शनिवार को बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी-2026 का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने 146 मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें 111 कार्यकारी और 35 स्थिर मॉडल शामिल रहे। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ रहा। कचरे से बिजली उत्पादन, प्लास्टिक और अपशिष्ट पदार्थों के पुन: उपयोग, स्वदेशी कृषि पद्धति और हाइड्रोपोनिक खेती से जुड़े मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। गणितीय मॉडल के जरिए विद्यार्थियों ने ऊंचाई-दूरी और ज्यामितीय अवधारणाओं को भी समझाया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से पूछे सवाल जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी एवं विद्यालय के प्राधिकृत नियंत्रक डॉ. दिनेश कुमार विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने मॉडलों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से उनकी कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक सिद्धांत और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडल की विशेषताएं बताईं। सीमित संसाधनों में तैयार किए मॉडल शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय परिवार के सहयोग से बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा उत्पादन और कृषि से जुड़ी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की प्रवृत्ति विकसित करते हैं। उन्होंने बच्चों को अपने विचारों और मॉडलों को आगे विकसित करने के लिए प्रेरित किया। देवेंद्र कुमार पांडेय ने भी विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की सराहना की। निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन मॉडलों का मूल्यांकन सेवानिवृत्त शिक्षाविद सीताकांत बाजपेई, शिवेंद्र कुमार और राजन कुमार ने किया। निर्णायकों ने वैज्ञानिक अवधारणा, मौलिकता, कार्यप्रणाली, प्रस्तुतीकरण और उपयोगिता के आधार पर मॉडलों को परखा। विज्ञान एवं गणित शिक्षक पवन कुमार तिवारी, राजन कुमार श्रीवास्तव और रोहित कुमार के निर्देशन में विद्यार्थियों ने मॉडल तैयार किए। प्रधानाचार्य शिवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रयोग करने, सवाल पूछने और अपने विचारों को साकार करने के अवसर देना है।
2026-10-10 12:40
‘स्क्रिप्ट वही, देश बदलता है’, स्टारलिंक विवाद पर बोले अमिताभ के दामाद
अमिताभ बच्चन के दामाद कुणाल कपूर ने X पर एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर रिएक्ट किया है. उन्होंने अरबपति बिजनेसमैन पर तंज कसा है, और इसे 'कोलोनियल माइंडसेट' कहते हुए कई बातें लिखी हैं.
2026-10-10 07:52
Tech Tips: बहुत ही कमाल की है Telegram की ये सीक्रेट ट्रिक, दूसरे यूजर्स…
इंटरनेट डेस्क। आज आपको लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram की एक सीक्रेट ट्रिक के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसके माध्मय से आप बिना नंबर शेयर किए किसी से भी चैट कर सकेंगे। इस ट्रिक के बारे में कम ही लोगों को पता होगा। जो लोग पर्सनल मोबाइल नंबर दूसरों से छिपाने चाहते हैं, उनके लिए ये ट्रिक बहुत ही उपयोगी है। बिना नंबर साझा किए टेलीग्राम पर चैट करने का ये है आसान तरीका: सबसे पहले टेलीग्राम ऐप ओपन कर बाईं ओर दिए गए तीन हॉरिजॉन्टल लाइन्स (मेनू) पर क्लिक करके Settings में जाएं। अब सेटिंग्स मेनू में Privacy and Security विकल्प पर क्लिक करें। अब प्राइवेसी सेक्शन के अंदर Phone Number के विकल्प पर जाकर 'Nobody' सेट करें। ऐसा करने से दूसरा यूजर्स आपके मोबाइल नम्बर नहीं देख जाएगा। आपको आज ही ये सीक्रेट ट्रिप अपना लेनी चाहिए। PC: indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
2026-10-10 05:36
फोन में हैं ये ऐप तो बिना इंटरनेट भी हो जाएगी चैटिंग, जानें यहां
आज के वक्त में अगर हमारे फोन का Internet अचानक बंद हो जाए या Wi-Fi का नेटवर्क गायब हो जाए तो ऐसा लगता है जैसे दुनिया ही थम गई है. हम तुरंत परेशान हो जाते हैं कि अब किसी से बात कैसे होगी, मैसेज कैसे भेजा जाएगा या जरूरी काम कैसे निपटाए जाएंगे. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना किसी सिम कार्ड, मोबाइल नेटवर्क या फिर इंटरनेट के भी आपस में बातचीत करना मुमकिन हो सकता है? Technology की दुनिया में एक ऐसा बदलाव आ चुका है जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. Twitter यानी X के को-फाउंडर जैक डोर्सी ने पिछले साल एक ऐसा मैसेजिंग ऐप लॉन्च किया है. जो पूरी तरह से बिना Internet और बिना किसी सेंट्रलाइज्ड सर्वर के काम करता है. इस ऐप का नाम Bitchat है. इस App में Wi-Fi के बिना भी Phone पर Chatting की जा सकती है. यह तकनीक उन इलाकों के लिए काफी सही है जहां अक्सर Network की समस्या रहती है या फिर किसी इमरजेंसी के दौरान Internet सेवाएं ठप कर दी जाती हैं. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर यह App बिना इंटरनेट के कैसे चलता है. Bluetooth से चलता है यह Mesh Network जब हम नॉर्मल Chatting Apps जैसे WhatsApp या Telegram की बात करते हैं. तो हमारे दिमाग में सबसे पहले Internet, Wi-Fi और तगड़े Servers का ख्याल आता है. लेकिन जैक डोर्सी का यह नया ऐप इन सभी नियमों को पूरी तरह से पलट देता है. यह App Bluetooth Low Energy यानी BLE Network पर काम करता है. जिसे Bluetooth Mesh Networking भी कहा जाता है. इसका मतलब यह है कि अगर आपके आस-पास कोई दूसरा User भी इस App का इस्तेमाल कर रहा है. तो आपके फोन का Bluetooth सीधे उसके Phone से Connect हो जाता है. यह एक Local Cluster बना लेता है जिससे एक Device से दूसरे Device तक मैसेज आसानी से हॉप करते हुए आगे बढ़ जाते हैं. मान लीजिए कि आप किसी ऐसी जगह पर हैं जहां मोबाइल का नेटवर्क पूरी तरह से गायब है. लेकिन आपके आस-पास कुछ ही दूरी पर दूसरे लोग भी मौजूद हैं. तो आप ब्लूटूथ के जरिए बिना किसी रुकावट के एक-दूसरे से चैट कर सकते हैं. बिना ई-मेल फोन नंबर के Registration आज के समय में जब भी हम कोई नया App अपने Phone में Download करते हैं. तो सबसे पहले हमसे हमारा Phone Number, E-mail मांगा जाता है. कई बार तो Personal Data लीक होने का डर भी हमेशा हमारे मन में बना रहता है. लेकिन इस नए Messaging Platform की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अकाउंट बनाने का कोई लंबा-चौड़ा चक्कर ही नहीं है. आपको बिना किसी Registration के सीधा App ओपन करना होता है. एक Display Name सेट करना होता है और बस आप Chatting के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं. न तो इसमें किसी SIM Card की जरूरत होती है और न ही किसी सेंट्रल सर्वर की जहां आपका Personal Data या Chat History Store की जाती है. आपके भेजे गए सारे मैसेज पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होते हैं वह सिर्फ Sender और Receiver के डिवाइस में ही सेव रहते हैं. Internet बंद होने पर आता है काम कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब सरकार या प्रशासन की तरफ से सुरक्षा कारणों से Internet सेवाएं बंद कर देनी पड़ती हैं. ऐसे वक्त में अपनों से संपर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसी ही परिस्थितियों और आपातकालीन समय के लिए यह Bluetooth Based Messaging App एक बेहतरीन ऑप्शन के रूप में सामने आया है. दुनिया भर में कई जगहों पर Protest या Internet Shutdown के दौरान लोगों ने इस तरह की Offline Technology का खुलकर इस्तेमाल करते हैं जिससे उनका आपस में Contact बना रहे. हालांकि भारत जैसे देशों में सुरक्षा और नियमों के चलते इस तरह के Apps को लेकर सरकार और Tech कंपनियों के बीच कई बार कड़े कदम भी उठाए गए हैं और इसे App Store से हटाया भी गया है.